×
जिस पर देशकरता है भरोसा

'देश में घुसपैठ का चल रहा बड़ा नेटवर्क... इसे रोकना सरकार का कर्त्तव्य', सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का जवाब

केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि घुसपैठ का एक पूरा नेटवर्क चल रहा है. देश को सुरक्षित बनाना और नागरिकों का अधिकार घुसपैठियों तक जाने से रोकना सरकार का कर्तव्य है.

Author
29 Aug 2025
( Updated: 09 Dec 2025
01:05 PM )
'देश में घुसपैठ का चल रहा बड़ा नेटवर्क... इसे रोकना सरकार का कर्त्तव्य', सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का जवाब
Advertisement

देशभर में बांग्ला भाषा बोलने वालों की धरपकड़ और उन्हें बांग्लादेश भेजने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है. मामले की सुनवाई 11 सितंबर को होगी. यह याचिका वेस्ट बंगाल माइग्रेंट वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड नाम की संस्था और उसके अध्यक्ष समीरुल इस्लाम ने दाखिल की है. समीरुल इस्लाम तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद भी हैं.

घुसपैठ का एक पूरा नेटवर्क चल रहा है

याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए भाषा के आधार पर मुस्लिम लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है और देश से बाहर किया जा रहा है. केंद्र सरकार के लिए पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस दलील का विरोध किया. उन्होंने कहा कि कुछ एनजीओ और राज्य सरकारें अवैध घुसपैठियों का समर्थन करती हैं. उन्हें नहीं सुना जाना चाहिए.

मेहता ने दलील दी कि अगर कोई व्यक्ति सरकार की कार्रवाई से प्रभावित है तो वह सुप्रीम कोर्ट आ सकता है. याचिका दाखिल करने वाली संस्था ऐसे लोगों की कोर्ट आने में सहायता करे. वह खुद याचिका दाखिल नहीं कर सकती. मेहता ने कहा कि घुसपैठ का एक पूरा नेटवर्क चल रहा है. देश को सुरक्षित बनाना और नागरिकों का अधिकार घुसपैठियों तक जाने से रोकना सरकार का कर्तव्य है. इसके जवाब में भूषण ने कहा कि सरकार बंगाली मुसलमानों को डराने का काम कर रही है.

Advertisement

ओवैसी भी लगा चुके हैं बड़ा आरोप 

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन औवैसी ने पुलिस पर देश भर में बंगाली बोलने वाले मुस्लिम नागरिकों को गैरकानूनी तरीके से पकड़ने और उन्हें बांग्लादेशी बताकर देश के बाहर निकालने का आरोप लगाया है. ओवैसी ने कहा कि सरकार देश के सबसे गरीब समुदायों पर निशाना साधकर उनके साथ मजूबती से खड़े होने की एक्टिंग कर रही है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें

आगे ओवैसी कहते हैं, भारत के कई हिस्सों में पुलिस बंगाली भाषी मुस्लिम नागरिकों को अवैध अप्रवासी होने का आरोप लगाकर हिरासत में ले रही है. जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं उनमें ज्यादातर गरीब लोग हैं. वह झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले, सफाईकर्मी, कूड़ा बीनने वाले लोग हैं. पुलिस इन लोगों को टारगेट कर रही है क्योंकि वे गरीब हैं और पुलिस की ज्यादतियों का विरोध नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ऐसी खबरें हैं कि भारतीय नागरिकों को बंदूक की नोक पर बांग्लादेश धकेला जा रहा है.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें