×
जिस पर देशकरता है भरोसा

ममता बनर्जी के कार्यकाल की रेलवे कैटरिंग नीति विवादों में, NHRC ने रेलवे बोर्ड को भेजा नोटिस

इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने रेलवे बोर्ड को नोटिस जारी किया है. आयोग ने रेलवे बोर्ड से इस पूरे मामले की जांच करने और विधिसम्मत उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

Author
06 Jan 2026
( Updated: 06 Jan 2026
06:29 AM )
ममता बनर्जी के कार्यकाल की रेलवे कैटरिंग नीति विवादों में, NHRC ने रेलवे बोर्ड को भेजा नोटिस
Advertisement

वर्ष 2010 में तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान लागू की गई रेलवे कैटरिंग नीति एक बार फिर विवादों में आ गई है. आरोप है कि उस समय रेलवे के खान-पान स्टॉल और कैंटीन के संचालन की ठेकेदारी से जुड़ी आईआरसीटीसी की टेंडर प्रक्रिया में नीति स्तर पर बदलाव कर अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुसलमानों, को 9.5 प्रतिशत तक आरक्षण दिया गया था.

2010 की रेलवे कैटरिंग नीति फिर विवादों में

इस मुद्दे को लेकर लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी नामक एक कार्यकर्ता ग्रुप ने शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया है कि यह आरक्षण तुष्टिकरण की नीति के तहत किया गया प्रतीत होता है और यह संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है. साथ ही आरोप लगाया गया है कि इस फैसले के कारण एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के अधिकारों में कटौती हुई, जो उनके संवैधानिक अधिकारों पर अतिक्रमण जैसा है.

एनएचआरसी ने संज्ञान लेते हुए जारी किया नोटिस

Advertisement

इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने रेलवे बोर्ड को नोटिस जारी किया है. आयोग ने रेलवे बोर्ड से इस पूरे मामले की जांच करने और विधिसम्मत उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

2009-10 के रेल बजट से जुड़ा है मामला

दरअसल, वर्ष 2009-10 के रेल बजट भाषण के दौरान तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बेहतर गुणवत्ता का भोजन, साफ पीने का पानी, स्वच्छ शौचालय और सफाई सुनिश्चित करने की घोषणा की थी.

Advertisement

उन्होंने यह भी कहा था कि जन आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय व्यंजनों को रेलवे कैटरिंग में शामिल किया जाएगा.

21 जुलाई 2010 को लागू हुई थी नई नीति

इसी घोषणा के आधार पर रेलवे बोर्ड द्वारा 21 जुलाई 2010 को नई कैटरिंग नीति तैयार कर लागू की गई. रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (टूरिज्म एंड कैटरिंग) मणि आनंद द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि यह नीति वित्त और विधि निदेशालय की सहमति से बनाई गई है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा. इस संबंध में सभी भारतीय रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को निर्देश भेजे गए थे और आईआरसीटीसी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया गया था.

यह भी पढ़ें

अब, एक दशक से अधिक समय बाद, इस नीति में कथित आरक्षण प्रावधान को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें