×
जिस पर देशकरता है भरोसा

'...उस दिन एहसास हुआ कि हम वेदों की रक्षा करेंगे, तो वेद हमारी रक्षा करेंगे', HC जज ने सुनाया विद्वान दोस्त का किस्सा

आप वेदों की रक्षा करेंगे तो वेद आपकी रक्षा करेंगे मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन ने एक अदालती मामले का ज़िक्र करते हुए यह बात कही. एक वैदिक विद्वान को सड़क हादसे में दोषी ठहराकर 18 महीने की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में सच सामने आया. न्यायाधीश ने बताया कि वह विद्वान उनके पुराने मित्र थे और जब उन्हें दोषी ठहराया गया तो उन्हें यकीन नहीं हुआ.

'...उस दिन एहसास हुआ कि हम वेदों की रक्षा करेंगे, तो वेद हमारी रक्षा करेंगे', HC जज ने सुनाया विद्वान दोस्त का किस्सा
Image: Madras High Court/ Justice Swaminathan
Advertisement

मद्रास हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन ने हाल ही में एक राष्ट्रीय वैदिक प्रतिभा सम्मेलन को संबोधित करते हुए एक ऐसा किस्सा साझा किया जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आत्मा को छू लिया. उनका यह कथन "जो वेदों की रक्षा करते हैं, वेद भी उनकी रक्षा करते हैं"सिर्फ एक पंक्ति नहीं, बल्कि जीवन के गहरे अनुभव और आस्था की पुष्टि है.

दरअसल, सम्मेलन में न्यायाधीश ने एक पुराने मामले का जिक्र किया जो उनके दिल के बेहद करीब रहा है. यह मामला सिर्फ कानून या अदालत की कार्यवाही तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें धर्म, दोस्ती और सत्य की ताकत का अद्भुत संगम देखने को मिला.

एक वैदिक विद्वान की परीक्षा

न्यायमूर्ति स्वामीनाथन ने बताया कि वे जिस वैदिक विद्वान को वर्षों से जानते थे, उन्हें एक सड़क दुर्घटना के मामले में दोषी ठहराया गया और 18 महीने की जेल की सजा सुनाई गई. इसे सुनते ही उन्हें गहरा धक्का लगा. शास्त्री जी वह व्यक्ति थे जो पूरी निष्ठा और ईमानदारी से वैदिक ज्ञान का अभ्यास और प्रचार करते थे. जब वे न्यायमूर्ति से मिलने आए, तो उनके साथ एक और मित्र भी थे और शास्त्री जी ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने लापरवाही से गाड़ी चलाई जिससे एक व्यक्ति की मौत हुई. लेकिन हकीकत कुछ और थी.

Advertisement

भाई की जगह बहन को बचाने की कुर्बानी

दरअसल, उस दिन शास्त्री जी की बहन, जो अमेरिका से आई थीं, गाड़ी चला रही थीं. मंदिरों के दर्शन के दौरान, दुर्घटना हो गई जिसमें एक राहगीर की जान चली गई. बहन को जल्दी अमेरिका लौटना था, और इसलिए शास्त्री जी ने अपनी बहन को बचाने के लिए खुद ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. यह किसी भी इंसान के लिए भावुक और कठिन फैसला हो सकता है, लेकिन शास्त्री जी ने बिना झिझक यह जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली.

पारंपरिक वेशभूषा बनी पहचान की बाधा?

इस केस में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई. न्यायमूर्ति ने बताया कि शास्त्री जी अदालत में पारंपरिक परिधान धोती, चोटी और वैदिक वस्त्र में आए थे. उन्होंने खुद यह स्वीकार किया कि शायद इसी पारंपरिक लुक के चलते उन्हें "आधुनिक समाज की नजरों में" पिछड़ा या संदेहास्पद समझा गया और उन्हें ज्यादा सख्त सजा दी गई. आमतौर पर ऐसे मामलों में छह महीने की सजा होती है, लेकिन उन्हें डेढ़ साल की सजा सुनाई गई.

Advertisement

न्याय की जीत और दोस्त की मुक्ति

इस मामले ने न्यायमूर्ति स्वामीनाथन को भीतर तक झकझोर दिया. उस समय वे एक वकील थे. उन्होंने शास्त्री जी की ओर से मामला उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया और सिर्फ एक ही बात पर जोर दिया कि किसी भी गवाह ने यह नहीं कहा कि गाड़ी शास्त्री जी चला रहे थे. जांच के दौरान पता चला कि सभी आठ गवाहों ने सिर्फ यह कहा कि कार अनियंत्रित हो गई और एक व्यक्ति को टक्कर मार दी. किसी ने भी यह नहीं बताया कि गाड़ी कौन चला रहा था. यह तथ्य काफी था. सौभाग्य से उस अपील की सुनवाई करने वाला जज स्वयं न्यायमूर्ति स्वामीनाथन का सहपाठी था और उसने न्याय की भावना को सर्वोपरि रखते हुए फैसला सुनाया. अंततः शास्त्री जी को निर्दोष घोषित कर दिया गया.

वेद कभी निराश नहीं करते

Advertisement

अपने संबोधन में न्यायमूर्ति स्वामीनाथन ने भावुक होते हुए कहा“उस दिन मुझे यह एहसास हुआ कि जो वेदों की रक्षा करता है, वेद उसकी भी रक्षा करते हैं.” उनका यह कथन सिर्फ एक पुरानी घटना की व्याख्या नहीं, बल्कि समाज को यह समझाने का प्रयास था कि सत्य, धर्म और न्याय में गहरी शक्ति होती है. यह सिर्फ एक केस की कहानी नहीं थी, बल्कि उस विश्वास की जीत थी, जो हम अपने संस्कारों और शास्त्रों पर करते हैं.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि यह घटना हम सबके लिए एक संदेश है कि सत्य की राह कठिन जरूर हो सकती है, लेकिन अंत में जीत उसी की होती है. वैदिक परंपराएं और भारतीय संस्कृति केवल किताबों में सिमटी धरोहर नहीं, बल्कि हमारे जीवन के मूल में बसी हुई शक्ति हैं. जो इनका सम्मान करता है, उन्हें जीवन के हर मोड़ पर यह शक्ति सहारा देती है.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें