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टूटने की कगार पर था 22 साल पुराना गठबंधन, इस टॉप लीडर ने की दखल कांग्रेस-DMK के बीच बन गई बात

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस और सत्ताधारी DMK के बीच सीट बंटवारा हो गया है. टूटने की कगार पर पहुंचे गठबंधन में मजबूती का संदेश देते हुए राज्यसभा वाला दांव खेला गया है.

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05 Mar 2026
( Updated: 05 Mar 2026
08:36 AM )
टूटने की कगार पर था 22 साल पुराना गठबंधन, इस टॉप लीडर ने की दखल कांग्रेस-DMK के बीच बन गई बात

Tamil Nadu Election Seat Sharing: कई दिनों की बातचीत और अनिश्चितता को खत्म करते हुए तमिलनाडु में सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और कांग्रेस ने को आने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए सीट-शेयरिंग समझौते पर औपचारिक रूप से साइन कर दिए हैं.  

समझौते के मुताबिक, कांग्रेस 28 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जो 2021 के विधानसभा चुनावों में गठबंधन के तहत लड़ी गई 25 सीटों से तीन ज्यादा हैं. इसके अलावा, दोनों पार्टियों के बीच हुए समझौते के तहत कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट भी दी गई है. 

राज्यसभा के जरिए मजबूती का संदेश 

यह फैसला DMK अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई के बीच हुई बैठक में लिया गया. यह बैठक DMK के हेडक्वार्टर अन्ना अरिवालयम में हुई थी. वहीं, कांग्रेस को दी गई राज्यसभा सीट को विधानसभा चुनावों से पहले गठबंधन को मजबूत करने के मकसद से बड़े राजनीतिक इंतजाम का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है.

पी चिदंबरम ने निभाई खास भूमिका 

कांग्रेस और DMK के बीच साल 2004 में गठबंधन हुआ था, लेकिन दावा है कि इस बार वह टूटने की कगार पर था. इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन से मुलाकात की. दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच कई राउंड की बातचीत के बाद यह डील फाइनल हुई, जिसमें सीटों की संख्या और गठबंधन में कांग्रेस की बड़ी भूमिका की मांग को लेकर कुछ समय के लिए रुकावट आ गई थी. 

एक समय ऐसा लगा कि बातचीत टूटने की ओर बढ़ रही है क्योंकि कांग्रेस ज्यादा सीटों के बंटवारे पर जोर दे रही है. ​आखिरकार यह रुकावट तब सुलझी जब सीनियर कांग्रेस लीडर पी. चिदंबरम पार्टी हाईकमान के दूत बनकर आए और 3 मार्च को मुख्यमंत्री स्टालिन से बातचीत की. 

इस बातचीत के बाद, दोनों पक्ष समझौते की ओर बढ़े, जिससे आखिरी समझौता हुआ. साइनिंग सेरेमनी से पहले, तमिलनाडु के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के इंचार्ज और पार्टी की सीट-शेयरिंग कमेटी के हेड गिरीश चोडनकर की लीडरशिप में कांग्रेस का एक डेलीगेशन मुख्यमंत्री से मिला. 

गठबंधन की जीत का दावा

डेलीगेशन में टीएनससीसी प्रेसिडेंट सेल्वापेरुंथगई, कांग्रेस लेजिस्लेचर पार्टी के लीडर के. राजेश कुमार और दूसरे सीनियर लीडर शामिल थे. समझौते पर साइन करने के बाद रिपोर्टर्स से बात करते हुए, सेल्वापेरुंथगई ने कहा कि पार्टी समझौते से खुश है और उन्हें भरोसा है कि आने वाले चुनावों में अलायंस अच्छा परफॉर्म करेगा. 

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को दी गई राज्यसभा सीट के लिए कैंडिडेट का ऐलान पार्टी हाईकमान बाद में स्टेट लीडरशिप से सलाह करके करेगा. चोडांकर ने कहा कि पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग पर DMK और कांग्रेस के बीच फॉर्मल बातचीत 5 मार्च से शुरू होगी. 

यह भी पढ़ें- अमित शाह का बंगाल में बड़ा ऐलान, महिलाओं के लिए 5,700 करोड़, 7वां वेतन आयोग लागू करने और कानून-व्यवस्था सख्त करने का वादा

यह समझौता DMK और कांग्रेस के बीच दो दशक से ज्यादा पुराने गठबंधन को और मजबूत करता है, जो 2004 में शुरू हुआ था. कभी-कभी हुए मतभेदों के बावजूद, जिसमें 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले एक छोटा सा अलगाव भी शामिल है, यह पार्टनरशिप तमिलनाडु में एक अहम राजनीतिक ताकत बनी हुई है और राज्य के चुनावी माहौल को बनाने में अहम भूमिका निभाती रहती है. 

तमिलनाडु में कब होंगे चुनाव? 

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पिछले साल 2021 के विधानसभा चुनाव में DMK ने 133 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं.  वहीं, NDA को 75 सीटें मिली थीं, जिसमें AIADMK 66 सीटों के साथ गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी रही थी. तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों के लिए आगामी अप्रैल में चुनाव होंगे. 

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