केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री के दावेदार पर कलेश! केसी वेणुगोपाल का नाम आते ही मचा बवाल, टॉप पर हैं ये तीन चेहरे
केसी वेणुगोपाल लोकसभा में सांसद हैं, उन्होंने केरल में किसी भी सीट से चुनाव नहीं लड़ा, वह ज्यादातर दिल्ली में ही रहते हैं.
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केरल में कांग्रेस अपने प्रदर्शन पर खुश तो हो सकती है लेकिन मुख्यमंत्री को लेकर कलह थमने का नाम नहीं ले रही. मुख्यमंत्री की रेस के लिए केसी वेणुगोपाल का नाम सबसे आगे है, लेकिन केरल कांग्रेस के भीतर उनके मुख्यमंत्री की दावेदारी को लेकर विरोध है.
केसी वेणुगोपाल लोकसभा में सांसद हैं, उन्होंने केरल में किसी भी सीट से चुनाव नहीं लड़ा, वह ज्यादातर दिल्ली में ही रहते हैं. ऐसे में केरल के मुख्यमंत्री के तौर पर उनके नाम को लेकर विरोध भी है. कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ता उनका विरोध भी कर रहे हैं.
केसी वेणुगोपाल क्यों बन सकते हैं केरल के CM?
दरअसल, केरल चुनाव में कांग्रेस को जिताने में केसी वेणुगोपाल ने संगठन में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कई महीनों पहले ही केरल में डेरा डाल दिया था और बूथ लेवल से लेकर टॉप लेवल तक कार्यकर्ताओं को एकजुट किया. केरल में कांग्रेस को मजबूत करने में वेणुगोपाल ने अहम भूमिका निभाई.
इसके अलावा वेणुगोपाल को राहुल गांधी का सबसे करीबी नेता माना जाता है. बताया जा रहा है केरल का मुख्यमंत्री राहुल गांधी ही फाइनल करेंगे. हालांकि अगर केसी वेणुगोपाल CM बनते हैं तो उन्हें केरल में उपचुनाव लड़कर जीत दर्ज करनी होगी.
वेणुगोपाल के नाम की चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि सोशल मीडिया पर एक लिस्ट वायरल हो रही है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक विधायकों की बैठक के बाद लिस्ट लेकर निकल रहे हैं. लिस्ट में आधे दर्जन से ज्यादा विधायकों के नाम के आगे केसी लिखा है. इसमें प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसफ भी शामिल हैं.
केसी वेणुगोपाल के अलावा ये नाम CM की रेस में आगे
केसी वेणुगोपाल के साथ-साथ रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन का नाम भी सबसे आगे है. बताया जा रहा है इन्हें UDF के सभी दलों का समर्थन हासिल है.
छह बार के विधायक वीडी सतीशन बीते पांच सालों में विपक्ष के नेता के तौर पर अपनी मजबूत छवि बनाई. वह बेहद लोकप्रिय और प्रभावशाली नेता बनकर उभरे. वहीं, चेनिथल्ला के पास संगठन का लंबा अनुभव है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और नेता विपक्ष रह चुके चेन्नीथला छह बार लोकसभा और छह बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं. उन्हें इंदिरा गांधी के समय NSUI और राजीव गांधी के समय यूथ कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था. इन नेताओं ने केरल में पिनरई विजयन सरकार के खिलाफ जमीनी स्तर पर माहौल तैयार किया. केरल में कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं? केरल की 140 सीटों में से कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF को 102 सीटें मिली हैं. इनमें से कांग्रेस के 63 और एआईयूएमएल को 22 सीटें मिली. जबकि बहुमत के लिए 71 सीटें जरूरी हैं.
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बहुमत के बावजूद UDF अभी तक मुख्यमंत्री का नाम फाइनल नहीं कर पाएगी. हर बार की तरह इस बार भी कांग्रेस अपनी आंतरिक कलह को शांत करने की कवायद में जुटी हुई है. रार थमे तो बात बने.
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