होर्मुज खुलते ही तेल-गैस के दाम धड़ाम, धड़ाधड़ निकल रहे टैंकर, भारत में 1 दिन में 51 लाख से ज्यादा LPG सिलेंडर की आपूर्ति
होर्मुज स्ट्रेट के खुलते ही, सीजफायर के आंशिक ऐलान के साथ ही तेल और गैस के दाम गिरने लगे हैं. मांग की आपूर्ति होने लगी है. भारत में एक दिन के अंदर 51 लाख से ज्यादा LPG की सप्लाई की गई.
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मिडिल ईस्ट में युद्धविराम के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को वाणिज्यिक जहाजों के लिए “पूरी तरह खुला” घोषित किया गया है. हालांकि, अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह ईरान पर लक्षित नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखेगा, जिससे इस राहत के सीमित और सशर्त होने का संकेत मिलता है. इसी बीच तेल और गैस टैंकर्स के बड़े काफिले को होर्मुज पार करते देखा गया है.
ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम के बाद सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए यह अहम जलमार्ग पूरी तरह खोल दिया गया है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि युद्धविराम की अवधि के दौरान तय मार्गों पर जहाजों की आवाजाही की अनुमति होगी. इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के खुलने के बाद वैश्विक बाजारों में तुरंत असर देखने को मिला. तेल की कीमतों में गिरावट आई और शेयर बाजारों में तेजी दर्ज की गई.
आपको बता दें कि जैसे ही ईरान ने ऐलान किया कि सीजफायर लागू रहने तक हार्मुज को खोला जा रहा है, तेले-गैस और अन्य टैंकर्स की सुरक्षित आवाजाही हो सकेगी, इंटरनेशनल मार्केट, स्पेशली क्रूड ऑयल सेक्टर ने तेजी से प्रतिक्रिया दी. क्रूड ऑयल की कीमतें में तेज गिरावट देखी गई. एक ओर जहां कल तक कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चले गए थे. वो गिरकर 86 डॉलर तक पहुंच गईं. मार्केट ने सीजफायर के ऐलान को हाथों-हाथ लिया. हालांकि कुछ देर बाद तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर आ गईं.
11 फीसदी तक गिरे तेल के दाम
आपको बता दें कि ब्रेंट क्रूड वायदा रात में 10.42 डॉलर या 10.48% गिरकर 88.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, सत्र के दौरान तो एक बार ये 86.09 डॉलर के निचले स्तर पर भी पहुंच गया था.
वहीं WTI क्रूड वायदा कारोबार में 11.48 डॉलर या 12.12% गिरकर 83.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 80.56 डॉलर तक पहुंच गया था. बता दें कि कारोबार बंद होने तक क्रूड ऑयल 90.38 डॉलर पर पहुंच गया. इसे तेल की कीमतों में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट मानी गई.
LNG की कीमतों में भी गिरावट
जैसे ही सीजफायर की खबर आई घरेलू गैस की कीमतों में भी भारी गिरावट हुई. LNG की कीमत 2.624 डॉलर आ गईं. बाद में यह वायदा बाजार में 2.674 डॉलर पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि नेचुरल गैस की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ.
भारत में LPG की आपूर्ति नॉर्मल
आपको बताएं कि मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद देश में रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि गुरुवार को देशभर में 50.5 लाख से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए.
1 दिन में 50.5 लाख से ज्यादा गैस सिलेंडर की आपूर्ति
मंत्रालय के अनुसार, मार्च से अब तक 4.68 लाख पाइप से गैस (घरेलू पाइप गैस) कनेक्शन चालू किए गए हैं और 5.23 लाख नए उपभोक्ताओं ने कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है. लोगों को पाइप गैस और बिजली या इंडक्शन चूल्हों जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. राज्यों को भी घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए नए पाइप गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
OTP बेस्ड LPG बुकिंग की 93% तक आपूर्ति
रसोई गैस की ऑनलाइन बुकिंग अब करीब 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त सत्यापन कोड के जरिए होने वाली आपूर्ति लगभग 93 प्रतिशत हो गई है, जिससे गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिल रही है.
मंत्रालय ने कहा कि देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. नागरिकों से अपील की गई है कि वे पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की घबराहट में खरीदारी न करें, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें. उपभोक्ताओं से डिजिटल माध्यमों के जरिए बुकिंग करने और वितरकों के पास जाने से बचने को भी कहा गया है.
देश की रिफाइनरी अपने फुल स्टॉक में काम कर रही हैं!
सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया है. घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से स्थानीय रसोई गैस उत्पादन बढ़ाया गया है.
सरकार ने किनके लाइसेंस किए कैंसल
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने निगरानी बढ़ाते हुए 255 गैस वितरकों पर जुर्माना लगाया है, जबकि 65 वितरकों की लाइसेंसशिप निलंबित की गई है.सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद घरेलू रसोई गैस, पाइप गैस और वाहनों के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. व्यावसायिक रसोई गैस में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है, साथ ही औषधि, इस्पात, वाहन, बीज और कृषि जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है. इसके अलावा प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को भी दोगुना कर दिया गया है.
गैस की आपूर्ति बढ़ाने के लिए उठाए गए ये कदम
सरकार ने आपूर्ति और मांग के संतुलन के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना, तथा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है.
होर्मुज खुलने को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अधिक सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान पर सैन्य दबाव जारी रहेगा. उन्होंने कहा, “हॉर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला है, लेकिन ईरान से जुड़े मामलों में हमारी नौसैनिक नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक हमारे सभी समझौते पूरी तरह पूरे नहीं हो जाते. अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस नाकेबंदी अभियान में 10,000 से अधिक सैनिक, एक दर्जन से ज्यादा जहाज और कई विमान शामिल हैं, जो इसकी व्यापकता को दर्शाता है.
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विशेषज्ञों का मानना है कि जलडमरूमध्य का खुलना सीमित दायरे में हो सकता है, क्योंकि जहाजों की आवाजाही “समन्वित मार्गों” के जरिए और ईरान के तट के करीब रखी जा रही है, जिससे नियंत्रण बना रहता है.
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