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हरियाणा में नई ड्राफ्ट टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी 2025 लागू, सरकार ने शिक्षकों और छात्रों के हित में लिया बड़ा फैसला

Haryana: हरियाणा सरकार का कहना है कि यह नई टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी 2025 न केवल शिक्षकों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि छात्रों की पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर डालेगी.

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05 Nov 2025
( Updated: 11 Dec 2025
06:49 AM )
हरियाणा में नई ड्राफ्ट टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी 2025 लागू, सरकार ने शिक्षकों और छात्रों के हित में लिया बड़ा फैसला
Image Source: Social Media
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New draft Teachers Transfer Policy 2025: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक अहम फैसला लिया गया. बैठक में “ड्राफ्ट टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी 2025” को मंजूरी दे दी गई. यह नई पॉलिसी पहले से लागू टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी-2023 की जगह लेगी. सरकार का कहना है कि इस नई नीति का मकसद है,  शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों की तैनाती को पारदर्शी, निष्पक्ष और छात्रों के हित में करना. यानी अब ट्रांसफर प्रक्रिया ज्यादा साफ और जरूरत के अनुसार होगी.

ज़ोनिंग सिस्टम खत्म, अब शिक्षक चुन सकेंगे कोई भी स्कूल

नई पॉलिसी में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ज़ोनिंग का कॉन्सेप्ट हटा दिया गया है. पहले शिक्षकों को कुछ निश्चित ज़ोन में ही आवेदन करने की अनुमति होती थी, लेकिन अब वे राज्य के किसी भी स्कूल के लिए सीधे आवेदन कर सकते हैं. पहले, जो शिक्षक “राज्य में कहीं भी” काम करने की इच्छा जताते थे और जिन्हें मोरनी हिल्स (पंचकूला) या मेवात जिले जैसे कठिन इलाकों में पोस्टिंग दी जाती थी, उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलता था. अब यह प्रावधान और भी स्पष्ट और व्यापक बना दिया गया है.

कठिन क्षेत्रों में काम करने वाले शिक्षकों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ

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नई नीति के अनुसार, जो शिक्षक पंचकूला जिले के मोरनी ब्लॉक, पलवल जिले के हथीन ब्लॉक और नूंह जिले के स्कूलों में काम करना जारी रखना चाहते हैं या वहाँ पोस्टिंग का विकल्प चुनते हैं, उन्हें बेसिक पे प्लस डीए (महंगाई भत्ता) का अतिरिक्त 10% दिया जाएगा. वहीं, गेस्ट टीचर्स (अतिथि शिक्षक) के लिए यह लाभ 10,000 रुपये प्रतिमाह की निश्चित राशि के रूप में दिया जाएगा. इससे इन क्षेत्रों में काम करने वाले शिक्षकों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा और कठिन इलाकों में स्टाफ की कमी भी दूर होगी.

ट्रांसफर अब 80 अंकों के कम्पोजिट स्कोर पर आधारित

शिक्षकों के स्थानांतरण का फैसला अब एक कुल 80 अंकों के स्कोर सिस्टम पर आधारित होगा. इसमें मुख्य रूप से दो बातें शामिल हैं - 

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  • आयु (Age) को सबसे अधिक 60 अंकों का वेटेज दिया जाएगा.
  • विशेष श्रेणी (Special Category) के शिक्षकों को 20 अतिरिक्त अंक मिलेंगे.

इन विशेष श्रेणियों में शामिल हैं - 

महिलाएँ, महिला मुखिया परिवार की शिक्षिकाएँ, विधवा या विधुर शिक्षक, दिव्यांग व्यक्ति, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे शिक्षक और वे शिक्षक जिनके प्रयासों से छात्रों के परिणामों में सुधार हुआ है. इससे योग्य और समर्पित शिक्षकों को प्राथमिकता देने की कोशिश की गई है.

अनुशासनहीनता पर अंक कटेंगे, शिकायत का अधिकार रहेगा

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अगर किसी शिक्षक को गंभीर अनुशासनात्मक दंड (Major Penalty) मिला है, तो उनके 10 अंक काटे जाएंगे. हालाँकि, अगर कोई शिक्षक अपने ट्रांसफर निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह अपनी शिकायत सक्षम अधिकारी के सामने दर्ज कर सकता है. इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता दोनों बनी रहेंगी.

पति-पत्नी के ट्रांसफर पर विशेष 5 अंक, अब दूरी की कोई पाबंदी नहीं

नई नीति में दंपत्ति (Spouse) मामलों में भी बदलाव किया गया है. अब पति-पत्नी दोनों को 5 विशेष योग्यता अंक मिलेंगे, और उनके पोस्टिंग स्थानों के बीच दूरी को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा. यह बदलाव खास तौर पर उन परिवारों के लिए राहत भरा है, जो लंबे समय से अलग-अलग जिलों में तैनात हैं.

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हरियाणा सरकार का कहना है कि यह नई टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी 2025 न केवल शिक्षकों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि छात्रों की पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर डालेगी. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस नीति से ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और निष्पक्ष होगी. साथ ही, कठिन इलाकों में भी अब शिक्षकों की तैनाती सुचारु रूप से हो सकेगी.

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