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करतारपुर साहिब यात्रा रद्द करने के खिलाफ SGPG, CM मान ने भी केंद्र पर साधा निशाना, कहा- श्रद्धा से बड़ा पैसा

केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पाकिस्तान में करतारपुर साहिब जाने वाली यात्रा को रद्द कर दिया है. इस फैसले के खिलाफ पंजाबी विरोध में उतर आए हैं.

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15 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:34 AM )
करतारपुर साहिब यात्रा रद्द करने के खिलाफ SGPG, CM मान ने भी केंद्र पर साधा निशाना, कहा- श्रद्धा से बड़ा पैसा
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गुरु नानक देव की जयंती पर भारतीय तीर्थयात्री इस बार पाकिस्तान में करतारपुर साहिब के दर्शन नहीं कर पाएंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत ने पाकिस्तान जाने वाले तीर्थयात्रियों के जत्थे को रद्द कर दिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय में राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वह एप्लिकेशन प्रक्रिया को बंद कर दें. 

नवंबर में गुरु नानक जयंती के मौके पर पाकिस्तान के श्रीकरतारपुर साहिब कॉरिडोर और श्रीननकाना साहिब में कई धार्मिक आयोजन होंगे. लेकिन भारतीय तीर्थयात्री इन आयोजनों का हिस्सा नहीं बन पाएंगे. गृह मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) को लेटर लिखकर यात्रा रद्द करने के निर्देश दिए हैं. लेटर में कहा गया है कि, मौजूदा हालात में यह यात्रा संभव नहीं है. 

करतारपुर साहिब यात्रा क्यों रद्द हुई? 

गृह मंत्रालय ने SGPG को लिखे लेटर में कहा है कि, भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं. ऐसे में गुरु नानक देव जी की जयंती के मौके पर श्रद्धालुओं की यात्रा के दौरान सुरक्षा खतरा बढ़ सकता है. गृह मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि, तीर्थयात्रियों को पड़ोसी देश भेजना इस समय ठीक नहीं है. गृह मंत्रालय ने पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राज्य सरकारों को तीर्थयात्रा के लिए आवेदन बंद करने को कहा है. 

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पहले कब रद्द हुई करतापुर साहिब यात्रा? 

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए पहले भी सिख तीर्थयात्रा को रद्द किया गया है. हाल ही में SGPG ने महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के मौके पर पाकिस्तान जाने वाले सिख तीर्थयात्री जत्थे को रद्द कर दिया था. हालांकि नवंबर में होने वाली यात्रा को रद्द करने के फैसले का SGPG ने विरोध जताया है. 

फैसले पर SGPG ने क्या कहा? 

SGPC के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया. उन्होंने कहा, यह सिखों की धार्मिक भावनाओं का अपमान है. जब क्रिकेट मैचों के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बनाए जा सकते हैं, तो श्रद्धालुओं को अपने पवित्र स्थलों पर जाने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही? 

SGPC का तर्क था कि, पहले भी विशेष योजनाओं के तहत पाकिस्तान जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को छूट दी जाती रही है. इसी के आधार पर SGPG ने सरकार से पुनर्विचार की अपील की है साथ ही कहा कि, सरकार को धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. 

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पाकिस्तान के साथ मैच तो करतारपुर साहिब यात्रा क्यों नहीं? 

करतारपुर यात्रा रद्द करने के फैसले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, पाकिस्तान से क्रिकेट मैच हो सकता है लेकिन श्रद्धालु करतारपुर साहिब मत्था टेकने क्यों नहीं जा सकते? उन्होंने निशाना साधा कि पंजाबियों की आस्था और गुरुओं से जुड़ी श्रद्धा को केंद्र सरकार जानबूझकर सियासी नजर से देख रही है. भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को हरी झंडी दी जाती है, मगर वही सरकार श्रीकरतारपुर साहिब कॉरिडोर और श्रीननकाना साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की राह रोक देती है. 

केंद्र सरकार को श्रद्धा से ज्यादा पैसों की चिंता 

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सीएम भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, कभी फिल्मों को इसलिए रोका जाता है कि उसमें पाकिस्तानी कलाकार हैं और उसे राष्ट्रविरोधी करार दे दिया जाता है. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के साथ मैच होता है, और उसे राष्ट्रभक्ति का उत्सव बताया जाता है. जो फिल्म पहले शूट हो चुकी थी उसे रिलीज नहीं होने दिया गया, मगर मैच तो लाइव हो रहा था. उन्होंने सवाल पूछा कि, क्या पैसा कमाने की चिंता श्रद्धा से बड़ी हो गई? ये दोहरा रवैया अब पंजाबियों को चुभने लगा है.

खून पानी एक साथ नहीं तो क्रिकेट क्यों? 

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सीएम मान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री कहते हैं कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, फिर क्रिकेट का मैदान क्यों खुला? श्रद्धालुओं के लिए दरवाजे क्यों बंद कर दिए गए? श्रद्धा के दर पर कोई व्यापार नहीं होता, न ही राजनीति, वहां सिर्फ भक्ति होती है, सेवा होती है. केंद्र सरकार का ये रवैया पंजाब के लिए अपमानजनक है. श्री करतारपुर साहिब और श्री ननकाना साहिब हमारे तीर्थ हैं, कोई राजनीतिक केंद्र नहीं. हर रोज अरदास में हम यही मांगते हैं कि वहां सेवा करने और मत्था टेकने का अवसर मिले और वही रास्ता बंद कर दिया गया. भगवंत मान ने कहा कि यह भावना का सवाल है और सरकारें भावना से नहीं लड़ सकतीं. 

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