ईरान के नतांज न्यूक्लियर सेंटर पर इजरायल-अमेरिका का बड़ा हमला, खतरनाक गैस के रिसाव की खबर से हड़कंप!
ईरान के नतांज न्यूक्लियर सेंटर पर हुए हमले से हड़कंप मच गया है. इसके बाद रेडियोएक्टिव रिसाव की आशंका बढ़ गई है. वैसे तो ईरानी एजेंसियां इससे इनकार कर रही हैं, लेकिन रिपोर्ट्स कुछ और ही सजेस्ट कर रहे हैं.
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अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर बड़ा हमला किया है. इसके बाद बवाल मच गया है. इस्लामिक रिपब्लिक के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने ये दावा किया है. ईरानी मीडिया ने भी इस हमले की पुष्टि की है.
ईरान के परमाणु केंद्र पर हमला
तसनीम न्यूज एजेंसी के एक बयान में संगठन ने कहा, “यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायली शासन ने नतांज एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स को शनिवार सुबह निशाना बनाया.” इसमें यह भी कहा गया कि सेंट्रल ईरान के इलाके में “रेडियोएक्टिव (खतरनाक परमाणु) रिसाव होने की कोई खबर नहीं है.” रिपोर्ट के मुताबिक इससे पास रहने वाले लोगों को नुकसान नहीं है.
तीन मार्च को भी हुआ था हमला!
यूएस-इजरायल सैन्य संघर्ष शुरू होने के बाद ही नतांज पर हमले की खबर आई थी. 3 मार्च को इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की कि ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी में प्रवेश द्वार के पास मौजूद इमारतों को थोड़ा नुकसान पहुंचा है. इजरायल की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह बयान आया है.
सैटेलाइट तस्वीरों में बमबारी को लेकर खुलासा!
पिछले दो दिनों की सैटेलाइट तस्वीरों में यूएस-इजरायली बमबारी अभियान के दौरान हुए नुकसान को साफ तौर पर दिखाया गया था. परमाणु कार्यक्रमों पर नजर रखने वाली अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स को हुए नुकसान की पुष्टि की थी.
एजेंसी ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया, "ताजा सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर, आईएईए अब ईरान के अंडरग्राउंड नतांज फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट (एफईपी) की एंट्रेंस बिल्डिंग्स (प्रवेश द्वार वाली इमारत) को हुए कुछ हालिया नुकसान की पुष्टि करती है; इससे कोई खतरा नहीं है और एफईपी पर कोई और असर नहीं देखा गया है, जिसे जून की लड़ाई में बहुत नुकसान हुआ था."
इजरायल के मुख्य टार्गेट पर था नतांज एटम सेंटर!
नतांज फैसिलिटी जून में इजरायल और ईरान के बीच पिछले 12-दिन के युद्ध में मुख्य टारगेट में से एक थी, जिसमें यूएस भी आखिरकार शामिल हो गया था. एजेंसी ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने दावा किया था कि यूएस-इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के किसी परमाणु केंद्र को फिलहाल नुकसान पहुंचने के संकेत नहीं मिले हैं.
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इसके साथ ही, उन्होंने दुनिया से अत्यधिक संयम बरतने की अपील भी की थी. आईएईए प्रमुख ने स्पष्ट किया था कि बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट, तेहरान रिसर्च रिएक्टर और अन्य ईंधन केंद्रों पर किसी हमले या क्षति की सूचना नहीं मिली थी.
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