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50% टैरिफ थोपने पर भारत की डोनाल्ड ट्रंप को दो टूक, कहा- वहीं से तेल खरीदेंगे, जहां से सबसे बेहतर सौदा मिलेगा

अमेरिका द्वारा 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने अपने तेल व्यापार को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है. भारत ने कहा है कि भारतीय कंपनियां वहीं से तेल खरीदना जारी रखेंगी, जहां से उन्हें सबसे बेहतर सौदा मिलेगा.

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25 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:33 AM )
50% टैरिफ थोपने पर भारत की डोनाल्ड ट्रंप को दो टूक, कहा- वहीं से तेल खरीदेंगे, जहां से सबसे बेहतर सौदा मिलेगा
Donald Trump/Narendra Modi
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अमेरिका लगातार भारत को रूस के साथ तेल व्यापार को लेकर निशाना बना रहा है. इसी क्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने के चलते 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ भी लागू कर दिया है. हालांकि, भारत ने अपने तेल व्यापार को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है.
रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा कि भारतीय कंपनियां वहीं से तेल खरीदना जारी रखेंगी, जहां से उन्हें सबसे बेहतर सौदा मिलेगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ऐसे कदम उठाता रहेगा, जो उसके राष्ट्रीय हितों की रक्षा करें. रविवार को रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS को दिए एक इंटरव्यू में विनय कुमार ने कहा कि भारत की प्राथमिकता अपनी 1.4 अरब आबादी के लिए ऊर्जा सुरक्षा (एनर्जी सिक्योरिटी) सुनिश्चित करना है.

भारत की अमेरिका को दो टूक

विनय कुमार की यह प्रतिक्रिया उस समय आई है जब अमेरिका ने भारत द्वारा रियायती दरों पर रूसी कच्चा तेल खरीदने की आलोचना की. उन्होंने कहा कि तेल व्यापार पूरी तरह व्यावसायिक आधार पर होता है. "भारतीय कंपनियां वहीं से तेल खरीदना जारी रखेंगी, जहां से उन्हें सबसे अच्छा सौदा मिलेगा," उन्होंने स्पष्ट किया.
रिपोर्ट के अनुसार, विनय कुमार ने कहा, "हमने बार-बार स्पष्ट किया है कि हमारा उद्देश्य भारत की 1.4 अरब आबादी की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है." उन्होंने यह भी जोड़ा कि रूस समेत अन्य देशों के साथ भारत का सहयोग वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

रूस के साथ अमेरिका खुद करता है व्यापार

अमेरिका द्वारा भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के फैसले को अनुचित, अव्यावहारिक और अन्यायपूर्ण बताते हुए विनय कुमार ने कहा कि भारत सरकार ऐसे कदम उठाती रहेगी, जो देश के राष्ट्रीय हित की रक्षा करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत लगातार यह कहता आया है कि उसकी ऊर्जा खरीद, रूस से भी, पूरी तरह राष्ट्रीय हित और बाजार परिस्थितियों पर आधारित है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अन्य देश, जिनमें अमेरिका और यूरोप शामिल हैं, भी रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं.

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जयशंकर ने भी दी प्रतिक्रिया

साथ ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कच्चे तेल को लेकर अमेरिका की आलोचना पर जवाब दिया. उन्होंने कहा, यह मज़ेदार है कि एक प्रो-बिजनेस अमेरिकी प्रशासन में काम करने वाले लोग दूसरों पर व्यापार करने का आरोप लगाते हैं.
उन्होंने आगे कहा, अगर आपको भारत से तेल या रिफाइंड प्रोडक्ट खरीदने में दिक्कत है, तो मत खरीदिए. कोई आपको खरीदने के लिए मजबूर नहीं करता. लेकिन यूरोप खरीदता है, अमेरिका खरीदता है, तो अगर आपको पसंद नहीं, तो मत खरीदिए.

ट्रंप ने भारत पर लगाया 50% टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामान पर टैरिफ दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया है, जिसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क शामिल है. अमेरिका का आरोप है कि रूस से तेल खरीदकर भारत अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध को वित्तीय सहायता दे रहा है. हालांकि, भारत ने इस आरोप को कड़े शब्दों में खारिज कर दिया है.

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