×
जिस पर देशकरता है भरोसा

अग्निकांड के बाद कैसा है झांसी का महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, क्या है आगजनी की असली वजह, जानिए

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के शुक्रवार की देर रात शार्ट सर्किट से आग लग गई, आग की चपटे में आने से 10 नवजात की मौत हो गई, अस्पताल के वार्ड में अग्नि सुरक्षा के कई नियमों का पालन भी नहीं किया गया था, ऐसे में सरकार और प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो रहें हैं। आईये जानते है इतने बड़े हादसे के बाद कैसा है झांसी का अस्पताल

Author
17 Nov 2024
( Updated: 10 Dec 2025
08:28 PM )
अग्निकांड के बाद कैसा है झांसी का महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, क्या है आगजनी की असली वजह, जानिए
Advertisement

उत्तर प्रदेश के झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में आग ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा देश झुलसा गया। इस हादसे में आग ने 10 नौनिहालों को अपनी चपेट में ले लिया। वहीं एक और बच्चे की जान रविवार को चली गई। हालांकि इस बच्चे की मौत उसकी बिमारी की वजह से हुई है। इसकी जानकारी खुद जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने दी है। उन्होंने बताया कि 'मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे की जाचं करने रविवार को वार्ड का निरीक्षण किया गया। इस दौरान वहां मौजूद माता-पिता और उनके बच्चें का भी हाल-चाल जाना। अभी जो बच्चें वार्ड में भर्ती है उनमे बर्न इंजरी नहीं है। जिन 10 बच्चों की जान अग्निकांड में गई है। उनके शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। कोई भी बच्चा मिसिंग नहीं है। फिर भी एक बच्चे के मिसिंग होने की बात कही जा रही है जिसकी जांच जारी है।' 


अस्पताल में लगा था एक्सपायरी डेट का फायर एक्सटिंग्विशर


हादसे के बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अस्पताल में सेफ्टी के लिहाज से कोई तैयारी नहीं की गई थी। जो फायर एक्सटिंग्विशर लगाए गए थे वो एक्सपासर्ड थे। कई एक्सटिंग्विशर एक साल, तो कई तीन साल एक्सपायर्ड थे। जांच में तो चार साल पुराने एक्सटिंग्विशर भी पाए गए थे। वहीं घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि कोई भी एक्सटिंग्विशर काम नहीं कर रहा था। हालांकि हादसे के बाद अस्पताल से एक्सपायरी डेट वाले सिलेंडर गायब हो गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया कि हादसे के वक्त फायर अलार्म भी नहीं बजा था। जिस वार्ड में आग लगी वहां पर वॉटर स्प्रिंकलर भी नहीं चले थे। 

Advertisement


इससे पहले खबर ये भी आई थी कि शिशु वार्ड में शुक्रवार की शाम 5 बजे के आसपास भी शॉर्ट सर्किट हुआ था। सूत्रों ने बताया कि पहली बार हुए शॉर्ट सर्किट को अनदेखा कर दिया गया था। 


बता दें कि झांसी में राजकीय महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज की एनआईसीयू में आग लगने से 10 नवजात बच्चे जिंदा जल गए। आग शुक्रवार रात करीब 10.20 मीनट पर लगी थी। नवजात शिशुओं को एनआईसीयू से निकालने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए। 39 शिशुओं को बचाया गया। शिशुओं की हालत स्थिर बताई गई है। मामले पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि घटना कैसे हुआ। क्यों हुई पता लगाएंगे, जिम्मेदारी तय करेंगे, किसी को छोड़ेगे नहीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जीएगी। 

Advertisement


Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें