जज साहब की थाली में निकला ‘फंगस’, Air India के क्रू पर भड़के न्यायमूर्ति, फ्लाइट में ही शुरू हो गया हाई वोल्टेज ड्रामा
एयर इंडिया की फ्लाइट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस प्रशांत कुमार को फंगस लगा खाना परोसने और विरोध करने पर क्रू द्वारा कथित अभद्र व्यवहार के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
Follow Us:
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार देर रात उस समय 'हाई वोल्टेज ड्रामा' शुरू हो गया, जब उड़ते विमान के भीतर खाने की थाली में ‘फंगस’ की शिकायत दर्ज कराई गई. मामला और भी गंभीर तब हो गया जब यह फंगस वाली थाली किसी साधारण यात्री के सामने नहीं, बल्कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की टेबल पर परोसी गई. चलिए अब आपको विस्तार से इस घटना के बारे में बताते हैं.
जज को सौंपा फफूंद (Fungus) लगा हुआ खाना
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार एयर इंडिया की फ्लाइट (AI 1720) से दिल्ली से लखनऊ की यात्रा कर रहे थे. सीट नंबर 1A पर जज साहब आराम फरमा ही रहे थे कि उनके सामने भोजन की थाली परोसी गई. फिर क्या था, जज साहब गुस्से से लाल हो गए. हालांकि, उनका गुस्सा लाजिम भी था. क्योंकि जिनका काम ही गंदगी और बेईमानी को साफ करना है, आरोपह है कि उन्हें ही फंगस लगा हुआ खाना सौंप दिया गया. जज साहब ने इस पर आपत्ति जताई और फिर क्रू की जमकर क्लास लगा दी.
समस्या के समाधान के बजाय जज के साथ क्रू मेंबर्स ने अभद्र व्यवहार किया
कहानी यहां खत्म नहीं हुई. असली हंगामा तब शुरू हुआ जब जज साहब ने इस लापरवाही पर आपत्ति जताई और इसकी शिकायत की. आरोप है कि शिकायत करने पर केबिन क्रू सदस्य मनप्रीत और प्रीति ने समस्या का समाधान करने के बजाए तेवर दिखाते हुए अभद्र व्यवहार किया. आरोप ये भी है कि एयरलाइन के कर्मचारियों ने उस फंगस लगे हुए खाने को फ्लाइट से बाहर ले जाने से रोकने की कोशिश की.
पुलिस कर रही है पूरे प्रकरण की जांच
न्यायाधीश के साथ मौजूद सुमित गुप्ता ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए, उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को लिखित तहरीर दी और इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया. वहीं, एसीपी कृष्णा नगर, रजनीश वर्मा ने बताया है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. अब पुलिस इस पूरी घटना की जांच कर रही है.
खाने में फफूंद (Fungus) कैसे लग जाता है?
यह भी पढ़ें
वैसे आम तौर पर, फ्लाइट्स का खाना ‘कैटरिंग यूनिट’ में बहुत पहले तैयार हो जाता है. वहां से विमान तक पहुंचने और फिर विमान के अंदर रखे जाने के दौरान अगर तापमान सही न रखा जाए, तो बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं. इसके अलावा, जैसे ही विमान हवा में जाता है, केबिन का दबाव (Cabin Pressure) गिर जाता है और हवा बहुत ही शुष्क (Dry) हो जाती है. केबिन में हवा रेगिस्तान से भी ज्यादा शुष्क होती है.
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें