'किसी अफवाह में न आएं...', मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच PM मोदी की देशवासियों से अपील, बोले- ऊर्जा संकट में दिखाएं एकजुटता
पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में मिडिल ईस्ट संकट के बीच देशवासियों से अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत इस चुनौती का मजबूती से सामना कर रहा है.
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पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से भारत के सामने आई चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से जागरूक रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है. उन्होंने मासिक रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' के 132वें एपिसोड को संबोधित किया. इसमें कहा कि हम सब मिलकर कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे. पीएम मोदी ने इस एपिसोड की शुरुआत में मिडिल ईस्ट तनाव और ऊर्जा संकट का जिक्र किया.
'मन की बात' में राष्ट्र को संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में देशवासियों से अपील करते हुए कहा, 'वो जागरूक रहें, अफवाहों के बहकावे में ना आएं. सरकार की तरफ से जो आपको निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं.' उन्होंने कहा, 'मुझे हर बार की तरह इस बार भी विश्वास है कि जैसे हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे.' इसके साथ ही पीएम मोदी ने नौकरी की वजह से मध्य पूर्व के देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और मदद के लिए गल्फ और खाड़ी देशों की सरकार का धन्यवाद किया. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान ऊर्जा संकट की स्थिति में भारत डटकर इसका मुकाबला कर रहा है.
PM मोदी ने कोविडकाल का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है. हम सबको याद है कि पूरा विश्व भूतकाल में कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजरा था. हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी, लेकिन, दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार युद्ध और संघर्ष की परिस्थितियां बनती चली गईं. पीएम मोदी ने युद्धग्रस्त क्षेत्र में भारतीयों की मदद के लिए खाड़ी देशों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है. हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं. मैं खाड़ी देशों का बहुत आभारी हूं, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहां पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं.
ऊर्जा संकट और वैश्विक प्रभाव
पीएम मोदी ने कहा, 'मार्च का ये महीना वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है. हमें याद है कि पूरा विश्व भूतकाल में कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजरा था. हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया एक नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी. लेकिन वर्तमान काल में दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थिति बनती चली गई है. हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है.'
PM मोदी ने जताया खाड़ी देशों का आभार
पीएम मोदी ने खाड़ी देशों का आभार जताते हुए कहा, 'हमारे लाखों परिवारों के सगे- संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं. मैं गल्फ देशों का आभारी हूं कि वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहां पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं. जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है. इसकी वजह से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल को लेकर संकट की स्थिति बनती जा रही है.'
एकजुटता की अपील
पीएम मोदी ने बताया कि भारत वर्तमान ऊर्जा संकट का डटकर मुकाबला कर रहा है. इसके साथ ही उन्होंने देश के लोगों से एकजुटता की अपील की. उन्होंने कहा, 'हमारे वैश्विक संबंध, अलग-अलग देशों से मिल रहा सहयोग और पिछले एक दशक में जो देश का सामर्थ्य बना है, इनकी वजह से भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है. यह चुनौतीपूर्ण समय है. सभी देशवासियों से आग्रह करूंगा कि एकजुट होकर उस चुनौती से बाहर निकलना है. जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए. यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है. इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं है.'
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बताते चलें कि पीएम मोदी का मान की बातमें दिया गया यह का संदेश साफ है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क और एकजुट रहने की जरूरत है. सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और हर संभव कदम उठा रही है, ऐसे में देशवासियों से अपील है कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदारी के साथ स्थिति का सामना करें.
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