बूम बैरियर एक्टिव, सायरन की गूंज… सदन की कार्यवाही के बीच संदिग्ध गाड़ी की एंट्री से मची अफरा-तफरी
संसद में बजट सत्र का दूसरा फेज चल रहा है. इस बीच संसद परिसर में बिना पास वाली गाड़ी की एंट्री के बाद हड़कंप मच गया.
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Parliament Session: संसद में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पार्लियामेंट कैंपस में एक बिना पास वाली गाड़ी की एंट्री हो गई. इसके बाद सायरन बजने लगा और तुरंत बूम बैरियर एक्टिव हो गए. इस दौरान संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही चल रही थी.
दरअसल, संसद में बजट सत्र का दूसरा फेज चल रहा है. इस बीच संसद परिसर में बिना पास वाली गाड़ी की एंट्री के बाद हड़कंप मच गया. सिक्योरिटी टीम एक्टिव हो गई और तुरंत जांच पड़ताल शुरू कर दी.
बूम बैरियर गिरने से बजने लगे सायरल
परिसर के गाड़ी में घुसने के बाद बूम बैरियर नीचे गिर गए. जिसके चलते संसद परिसर में लगे सुरक्षा सायरन जोर-जोर से बजने लगे. आवाज सुनकर वहां मौजूद सिक्योरिटी टीम एक्टिव हो गई और गाड़ियों की आवाजाही पर तुरंत रोक लगा दी. जिससे गेट पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल हो गया. सुरक्षा टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की. सघन तलाशी अभियान चलाया गया.
#WATCH | Delhi | The entry of vehicles in Parliament complex was stopped for a short while today when a security siren was activated after a boom barrier at the entry gate fell, say top security sources. The entry of vehicles into the complex has resumed now. pic.twitter.com/Nr44wbwSEL
— ANI (@ANI) March 16, 2026
हालांकि सुरक्षा में लगे लोगों ने बताया कि हवा की वजह से बैरियर हिला और बूम बैरियर एक्टिव हो गए. सवाल यह है कि आखिर वह बिना पास वाली गाड़ी संसद परिसर में दाखिल कैसे हुई? संसद भवन को देश की सबसे सुरक्षित इमारतों में से एक माना जाता है. ऐसे में ये मामला सुरक्षा चूक से जुड़ा हुआ है. एजेंसिया मामले की तहकीकात में जुट गई हैं.
राज्यसभा में विपक्ष ने उठाया LGP का मुद्दा
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लोकसभा की कार्यवाही बिना किसी हंगामे के हुई. तो वहीं, राज्यसभा में LPG सकंट का मुद्दा उठा. सिलेंडर के संकट पर विपक्ष ने सरकार को घेरा. विपक्ष के सवालों के बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है. राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, सरकार के दावों से उलट जमीनी हकीकत कुछ और ही है. उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते इंतजाम किए जाते तो स्थिति खराब नहीं होती.
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