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बीजेपी में बड़ी संगठनात्मक सर्जरी, बदल जाएगी पार्टी की आधी टीम; 60 से कम उम्र वालों को मिलेगा मौका

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के आने के बाद बीजेपी संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी है. करीब 40 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में लगभग 60 फीसदी नए चेहरे शामिल हो सकते हैं. महासचिव और सचिव स्तर पर 60 साल से कम उम्र के नेताओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर अनुभवी नेताओं को भी जगह मिल सकती है.

बीजेपी में बड़ी संगठनात्मक सर्जरी, बदल जाएगी पार्टी की आधी टीम; 60 से कम उम्र वालों को मिलेगा मौका
Nitin Nabin (File Photo)
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भारतीय जनता पार्टी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (Nitin Nabin) के आने के बाद अब संगठन को नए सिरे से गढ़ने की तैयारी तेज हो गई है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में राष्ट्रीय संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं. खास बात यह है कि इस बार संगठन को युवा आकार देने पर जोर रहेगा.

सूत्र बताते हैं कि अध्यक्ष समेत करीब 40 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में लगभग 60 फीसदी नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं. महासचिव और सचिव स्तर पर 60 साल से कम आयु वाले नेताओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है. इसका मकसद पार्टी को आने वाले वर्षों के लिए तैयार करना और नई पीढ़ी को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाना है. हालांकि उपाध्यक्ष पद पर आयु को लेकर कुछ लचीलापन रखा जा सकता है. पार्टी नेतृत्व मानता है कि अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन जरूरी है. इसलिए वरिष्ठ नेताओं को पूरी तरह किनारे करने की बजाय उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना है.

बदल सकते हैं आधे से ज्यादा पदाधिकारी

सूत्रों के अनुसार मौजूदा टीम के आधे से ज्यादा चेहरों को बदला जा सकता है. खासतौर पर पांच महासचिवों की जगह नए नाम सामने आ सकते हैं. वर्तमान संरचना में अध्यक्ष के अलावा 13 उपाध्यक्ष, 10 महासचिव, 15 सचिव और एक कोषाध्यक्ष होता है. ऐसे में बदलाव का दायरा व्यापक माना जा रहा है. 60 साल से अधिक आयु वाले कई महासचिव और सचिवों को संगठन में नई भूमिकाएं दी जा सकती हैं. संगठन महासचिव के पद को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन वहां भी परिवर्तन की चर्चा जोरों पर है.

महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी

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नई टीम में महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर भी विशेष जोर है. पार्टी के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय पदाधिकारियों में एक तिहाई यानी करीब 13 महिलाएं होनी चाहिए. यह लक्ष्य अब तक केवल एक बार राजनाथ सिंह के अध्यक्षीय कार्यकाल में पूरी तरह हासिल हो पाया था. इस बार नेतृत्व चाहता है कि महिला भागीदारी न सिर्फ संख्या में बल्कि प्रभाव के स्तर पर भी मजबूत हो.

सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस

पार्टी सूत्रों का कहना है कि नई राष्ट्रीय टीम में देश के सभी हिस्सों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा. जातीय और सामाजिक समीकरणों का संतुलन भी ध्यान में रखा जाएगा. आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को जमीन से जुड़े चेहरों के साथ मजबूत करने की रणनीति बनाई जा रही है. हालांकि नई टीम की घोषणा में अभी समय लग सकता है. संसद सत्र और चुनावी तैयारियों के चलते पार्टी फिलहाल रणनीतिक चर्चाओं में व्यस्त है. लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि इस बार बीजेपी का संगठन पहले से ज्यादा युवा, संतुलित और भविष्य की राजनीति के अनुरूप नजर आ सकता है.

बताते चलें कि बीजेपी संगठन में इस बार बदलाव केवल औपचारिक नहीं बल्कि रणनीतिक होने जा रहे हैं. युवा नेतृत्व, महिला भागीदारी और सामाजिक संतुलन के जरिए पार्टी आने वाले चुनावी दौर के लिए खुद को नई ऊर्जा के साथ तैयार करना चाहती है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कब और किन नए चेहरों के साथ किया जाता है.

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