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CM योगी की बड़ी पहल, UP में बाढ़ प्रभावित इलाकों में बनेगा नया पुल, बदलेगी हजारों लोगों की जिंदगी

UP: इस लघु सेतु के बन जाने से सिर्फ आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी. बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज, किसानों की फसल को बाजार तक पहुंचाना और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को अब बरसात में परेशान नहीं होना पड़ेगा.

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21 Jan 2026
( Updated: 21 Jan 2026
05:13 AM )
CM योगी की बड़ी पहल, UP में बाढ़ प्रभावित इलाकों में बनेगा नया पुल, बदलेगी हजारों लोगों की जिंदगी
Image Source: Social Media
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CM Yogi: केन नदी में बरसात के मौसम में आने वाली बाढ़ से चहितारा-पचुल्ला क्षेत्र के लोग हर साल भारी परेशानी झेलते हैं. पानी बढ़ते ही सड़कें डूब जाती हैं, रास्ते बंद हो जाते हैं और आम लोगों का जीवन ठहर सा जाता है. खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और कामकाज के लिए बाहर जाने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है. लेकिन अब योगी सरकार की एक नई पहल से इस क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है. सरकार ने यहां लघु सेतु (छोटा पुल) बनाने का फैसला लिया है, जिससे बरसात के दिनों में आवागमन की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो सकेगी.

कहां बनेगा नया लघु सेतु


यह प्रस्तावित लघु सेतु बांदा-बहराइच राजमार्ग से जुड़े चहितारा-पचुल्ला मार्ग पर बनाया जाएगा. यह पुल उसी जगह बनेगा, जहां अभी एक पुराना रपटा मौजूद है और जो बरसात में पानी से पूरी तरह डूब जाता है. यह स्थान चहितारा-पचुल्ला मार्ग के छठवें किलोमीटर पर स्थित है. नए सेतु के बनने से इस कमजोर और जोखिम भरे रपटे की जगह एक मजबूत और सुरक्षित पुल मिलेगा, जिस पर साल भर आसानी से आवाजाही हो सकेगी.

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करीब 12 हजार लोगों को होगा सीधा फायदा


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इस लघु सेतु के बन जाने से आसपास के करीब 12 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. बरसात के मौसम में जब केन नदी उफान पर होती है, तब करीब 1.350 किलोमीटर लंबा रास्ता पानी में डूब जाता है.ऐसे में गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह टूट जाता है. लोगों को मजबूरी में नाव का सहारा लेना पड़ता है, जो बेहद खतरनाक होता है. कई बार जान का जोखिम उठाकर लोग इस रास्ते से गुजरते हैं. नया पुल बनने से यह खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा और लोग सुरक्षित तरीके से सफर कर सकेंगे.

परियोजना की लागत और तकनीकी जानकारी

प्रस्तावित लघु सेतु 3×15 मीटर स्पान का होगा, यानी यह मजबूत डिजाइन के साथ बनाया जाएगा ताकि बाढ़ के पानी का दबाव आसानी से सह सके. इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है.सरकार ने इस काम को गंभीरता से लेते हुए इसकी टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है. अब सिर्फ औपचारिक स्वीकृति का इंतजार है.फरवरी से शुरू होगा निर्माण कार्य
अधिकारियों के अनुसार, फरवरी माह में स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि इस लघु सेतु को एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाए, ताकि अगले बरसात के मौसम से पहले या जल्द ही लोगों को राहत मिल सके। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि काम समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा हो.

ग्रामीणों के जीवन में आएगा बड़ा बदलाव


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इस लघु सेतु के बन जाने से सिर्फ आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी. बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज, किसानों की फसल को बाजार तक पहुंचाना और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को अब बरसात में परेशान नहीं होना पड़ेगा. यह पुल चहितारा-पचुल्ला क्षेत्र के लिए सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि सुरक्षित और बेहतर जीवन की ओर एक मजबूत कदम साबित होगा.

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