जंग के बीच ईरान ने मांगी भारत से मदद! अब्बास अराघची ने एस. जयशंकर को किया फोन, जानिए क्या हुई बात?
मध्य पूर्व में जारी जंग के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय संघर्ष से जुड़े कई बिंदुओं पर चर्चा की.
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मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है. दुनिया के तमाम देश वैकल्पिक रास्ते की तलाश में हैं. भारत ने भी तेल और गैस की किल्लत से बचने के लिए अब कई विकल्पों को खोल दिया है. वहीं जहां तक युद्ध की स्थिति की बात है, तो अब 14 दिन हो चुके हैं लेकिन अब तक जंग के रुकने के कोई भी आसार नहीं दिख रहे हैं. पूरा मिडिल ईस्ट इस युद्ध की चपेट में है. भारत की स्थिति हमेशा की तरह अब तक न्यूट्रल है और ये युद्ध में नहीं बुद्ध में विश्वास करता है. इसी बीच सुत्रों के हवाले से खबर ये है कि ईरान ने भारत से मदद की अपील की है.
Had another conversation with Iranian FM @araghchi yesterday night.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) March 13, 2026
Discussed bilateral matters as also BRICS related issues.
ईरान विदेश मंत्री अराघची ने एस. जयशंकर को किया फोन!
दरअसल, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फोन पर बातचीत की. इसकी जानकारी खुद विदेश मंत्री जयशंकर ने दी. सोशल मीडिया प्लटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, "कल रात ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ एक और बातचीत हुई। द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई”.
अब्बास अराघची ने भारत से सहयोग की अपील की
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए (IRNS) की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष जयशंकर से फोन पर चल रहे युद्ध और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बात की है. एजेंसी के अनुसार, अराघची ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय फोरम और संगठन ईरान के खिलाफ सैन्य हमले की निंदा करें. उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक फोरम के तौर पर ब्रिक्स की भूमिका और स्थिति के महत्व का जिक्र करते हुए, इस संस्था के लिए मौजूदा समय में क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा के समर्थन में एक रचनात्मक भूमिका निभाने पर जोर दिया.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्या कहा?
वहीं भारत के विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय फोरम में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए अपने देश की तैयारी जाहिर की और इस इलाके में एक साथ जरूरत के तौर पर लंबे समय तक चलने वाली स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने का तरीका खोजने के महत्व पर जोर दिया. बता दें, ईरान और भारत दोनों ही ब्रिक्स के सदस्य हैं और यह क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को सपोर्ट करने में मदद करता है. आईआरएनए ने कहा कि भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने उम्मीद जताई कि दोनों देश आपसी संबंधों को और बढ़ा सकते हैं.
IRGC ने चार लोगों को गिरफ्तार किया
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ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी के पुलिस कमांड (फराज) ने ब्रिटेन के फारसी भाषा के चैनल ईरान इंटरनेशनल को संवेदनशील जानकारी देने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. तस्नीम ने चैनल को दुश्मनी फैलाने वाला, ईरान विरोधी नेटवर्क बताया है. इसमें कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने “मिसाइल के असर और बमबारी की जगहों के बारे में अपने फोन में गोपनीय जानकारी रखी थी और उसे इस नेटवर्क को भेजा था”.
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