×
जिस पर देशकरता है भरोसा

नौकरियों की बहार! भारत में हायरिंग का ‘गोल्डन एरा’ शुरु, अप्रैल-जून में खुलेंगे अवसरों का पिटारा

भारत में अप्रैल-जून तिमाही के लिए हायरिंग आउटलुक 68 प्रतिशत के एतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जो देश के मजबूत होते नौकरी बाजार को दर्शाता है.

Author
11 Mar 2026
( Updated: 11 Mar 2026
08:00 AM )
नौकरियों की बहार! भारत में हायरिंग का ‘गोल्डन एरा’ शुरु, अप्रैल-जून में खुलेंगे अवसरों का पिटारा
AI_Generated

भारत में कंपनियों की भर्ती करने की योजना 2026 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए काफी मजबूत दिखाई दे रही है. मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक (एनईओ) बढ़कर 68 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. मैनपावरग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, यह आंकड़ा पिछली तिमाही की तुलना में 17 प्रतिशत अंक ज्यादा है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 24 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

जीएसटी और आर्थिक सुधारों से बढ़ रही भर्तियां

रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएसटी के तहत टैक्स सुधार और 2026 के लिए मजबूत आर्थिक वृद्धि की उम्मीदों से कंपनियों को फायदा मिल रहा है, जिससे भर्ती की योजनाएं बढ़ रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंस और इंश्योरेंस सेक्टर में भर्ती का आउटलुक सबसे मजबूत है, जो 71 प्रतिशत तक पहुंच गया है. यह पिछली तिमाही की तुलना में 8 अंक ज्यादा और सालाना आधार पर 26 अंक की बढ़ोतरी दर्शाता है. वहीं, यूटिलिटीज और नेचुरल रिसोर्सेज सेक्टर में तिमाही आधार पर सबसे बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली. इस सेक्टर का आउटलुक 22 अंक बढ़कर चार साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जो 2021 की चौथी तिमाही के बाद सबसे ज्यादा है.

ऑटोमोबाइल सेक्टर में सबसे ज्यादा भर्ती

दूसरी ओर, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भर्ती का आउटलुक सबसे कम 31 प्रतिशत रहा, जिससे पता चलता है कि इस क्षेत्र में कंपनियां फिलहाल भर्ती को लेकर ज्यादा सतर्क हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि नई नौकरियों के मामले में ऑटोमोबाइल सेक्टर में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी होने की संभावना है. इसके बाद आईटी और आईटी सर्विसेज सेक्टर का स्थान है.

भारत के उत्तरी क्षेत्र में भर्ती का आउटलुक सबसे मजबूत

मैनपावरग्रुप इंडिया और मिडिल ईस्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप गुलाटी ने कहा कि 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़े एक दोहरी स्थिति दर्शाते हैं. एक ओर कंपनियों का भर्ती करने का भरोसा मजबूत है, वहीं दूसरी ओर कुशल प्रतिभा की कमी भी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि लगभग 82 प्रतिशत कंपनियों को जरूरत के अनुसार योग्य कर्मचारी ढूंढने में कठिनाई हो रही है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत के उत्तरी क्षेत्र में भर्ती का आउटलुक सबसे मजबूत है, जहां एनईओ 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है. यह तिमाही आधार पर 12 अंक और सालाना आधार पर 26 अंक की बढ़ोतरी दिखाता है.

पूर्वी भारत में सुधार और कंपनियों में भर्ती का उत्साह बढ़ा

वहीं, पूर्वी क्षेत्र में तिमाही आधार पर सबसे तेज सुधार देखने को मिला, जहां उम्मीदें 20 अंक बढ़ गईं. इस क्षेत्र का आउटलुक 2012 की तीसरी तिमाही के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. कंपनी के आकार के हिसाब से भी सभी श्रेणियों में कंपनियां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को लेकर आशावादी हैं. खासकर 250 से 999 कर्मचारियों वाली बड़ी कंपनियों में सबसे ज्यादा उत्साह देखा गया, जहां एनईओ 71 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही से 15 अंक ज्यादा है.

कंपनियों में AI का तेजी से बढ़ा चलन

यह भी पढ़ें

रिपोर्ट के मुताबिक, 87 प्रतिशत कंपनियां कर्मचारियों की भर्ती, ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण में पहले से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रही हैं. एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एआई अपनाने की दर 80 प्रतिशत है. इस मामले में चीन 95 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है, जबकि भारत दूसरे स्थान पर है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें