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राजस्थान: सीएनजी विवाद में RAS अधिकारी छोटूलाल शर्मा निलंबित, सरकार ने की सख्त कार्रवाई

छोटूलाल शर्मा प्रतापगढ़ जिले में लोक सेवाएं, प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत थे. आरोप है कि भीलवाड़ा जिले के रायला थाना क्षेत्र के जसवंतपुरा स्थित पेट्रोल पंप पर शर्मा और पंप कर्मचारियों के बीच सीएनजी भरवाने को लेकर विवाद हो गया था.

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24 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:44 AM )
राजस्थान: सीएनजी विवाद में RAS अधिकारी छोटूलाल शर्मा निलंबित, सरकार ने की सख्त कार्रवाई
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राजस्थान के अजमेर-भीलवाड़ा हाईवे पर टोल के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर सीएनजी भरवाने को लेकर हुए विवाद में राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) अधिकारी छोटूलाल शर्मा को निलंबित कर दिया गया है.

आरएएस अधिकारी छोटूलाल शर्मा निलंबित

राज्य सरकार ने गुरुवार देर शाम इस संबंध में आदेश जारी किया. निलंबन अवधि के दौरान शर्मा का मुख्यालय जयपुर सचिवालय स्थित कार्मिक विभाग में रहेगा और उन्हें वहीं हाजिरी देनी होगी.

छोटूलाल शर्मा प्रतापगढ़ जिले में लोक सेवाएं, प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत थे. आरोप है कि भीलवाड़ा जिले के रायला थाना क्षेत्र के जसवंतपुरा स्थित पेट्रोल पंप पर शर्मा और पंप कर्मचारियों के बीच सीएनजी भरवाने को लेकर विवाद हो गया था.

पेट्रोल पंपकर्मी को थप्पड़ मारने का मामला

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बताया जा रहा है कि शर्मा अपनी कार में परिवार सहित मौजूद थे और उनसे पीछे खड़ी दूसरी कार के चालक ने पहले सीएनजी भरने की बात कही, जिस पर पंप कर्मचारी ने उस वाहन को प्राथमिकता दे दी.

इसी बात को लेकर छोटूलाल शर्मा और पंप कर्मचारी के बीच कहासुनी हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि शर्मा ने कथित रूप से पंप कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया. इसके बाद कर्मचारियों ने भी प्रतिकार किया और मौके पर हंगामा मच गया.

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ मामला

यह पूरा घटनाक्रम पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की. कार्मिक विभाग ने निलंबन आदेश जारी कर दिया है.

वहीं, रायला थाना पुलिस ने भी इस घटना की जांच शुरू कर दी है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. सरकारी सेवा में अनुशासन बनाए रखने और जनता के प्रति शालीन व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है.

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