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12 साल में 8वां ट्रांसफर, प्रशासनिक प्रक्रिया या राजनीतिक दबाव? संभल के जज विभांशु सुधीर के तबादले पर मचा हड़कंप

CJM Vibhanshu Sudhir: संभल के CJM विभांशु सुधीर के बीते दिनों तबालते की खबर आई, जिसके बाद राजनीति शुरु हो गई है. विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाकर सरकार को घेरना शुरु कर दिया है.

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22 Jan 2026
( Updated: 22 Jan 2026
08:29 AM )
12 साल में 8वां ट्रांसफर, प्रशासनिक प्रक्रिया या राजनीतिक दबाव? संभल के जज विभांशु सुधीर के तबादले पर मचा हड़कंप
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संभल के सीजेएम विभांशु सुधीर इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं. संभल हिंसा मामले में पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर सुनवाई करते हुए हाल ही इन्होंने ग्रीन सिग्नल दिया था. फिर उनके तबादले को लेकर खबर आई, और देखते ही देखते ये एक मुद्दा भी बन गया. जज विभांशु सुधीर के अचानक तबादले ने कई सवाल खड़े कर दिए. ऐसा कहा जाने लगा कि क्या आदेश देना उन्हें भारी पड़ गया? क्या तबादला आदेश देने की कीमत है? या फिर ये एक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है? ऐसे तमाम सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सीजेएम विभांशु सुधीर का 12 साल के करियर में ये 8वां तबादला है. 

CJM के एक आदेश ने मचाया हड़कंप

दरअसल, हाल ही में सीजेएम विभांशु सुधीर ने संभल हिंसा मामले में सुनवाई करते हुए तत्कालीन CO अनुज चौधरी सहित क़रीब दो दर्जन पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिये थे. हालांकि, ये पहली नहीं है जब सीजेएम ने इस तरह का आदेश दिया है. इससे पहले भी 24 दिसंबर को उन्होंने एक तीन साल पुरानी मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए 13 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आदेश दिया था. इस तरह से विभांशु सुधीर अपने फैसलों के कारण हमेशा चर्चा में रहे हैं. अब चुंकि उनके ट्रांसफर का फरमान फिर से जारी हुआ है तो अब इसे एक राजनीतिक मुद्दा भी बना दिया गया है.

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करीब दर्जन भर जजों का तबादला

बीती रात करीब एक दर्जन जजों के तबादले का नाम सामने आया जिसमें एक विभांशु सुधीर का नाम भी शामिल था. उन्हें अब सुल्तानपुर भेजा दिया गया है. खास बात ये है कि उन्हें सीजेएम पद से हटाकर एक पद नीचे नियुक्त किया गया है. उनके 12 साल के करियर में यह उनका 8वां तबादला है. 

तबादले पर क्यों हो रही है राजनीति?

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सीजेएम के तबादले की ख़बर जैसे ही बाहर आई तो उसपर राजनीति भी तेज हो गई. इसकी शुरुआत सपा मुखिया अखिलेश यादव ने की. उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर बोला, ‘सत्य स्थानांतरित नहीं होता, उसका स्थान अचल है. न्यायपालिका की स्वतंत्रता का हनन सीधे-सीधे लोकतंत्र का हनन है.’ अखिलेश यादव ने अपनी इस प्रतिक्रिया के साथ ही यूपी सरकार के क्रियाकलापों पर सवाल उठा दिया है. आरोप लगाया है कि सरकार ने पुलिस प्रशासन के दबाव में आकर यह कदम उठाया है. 

वकीलों ने खोला मोर्चा

सीजेएम विभांशु सुधीर के ट्रांसफर के आदेश के बाद से चंदौसी कचहरी के वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है. वकीलों ने कोर्ट परिसर के अंदर ही तबादले का विरोध करना शुरु कर दिया और इसे रोकने की मांग की. वकीलों ने कहा कि सीजेएम का तबादला कर दिया गया लेकिन वह काफी अच्छा काम कर रहे थे और पूरा ही जिला उनकी न्याय प्रणाली से ख़ुश था. 

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विरोध कर रहे वकीलों की क्या है मांग?

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विरोध कर रहे वकीलों ने आरोप लगाया कि सीजेएम का तबादला इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने अनुज चौधरी के ख़िलाफ़ एफआईआर के आदेश दिए थे. वहीं, इस मुद्दे को विपक्ष ने भी लपक लिया है और इस ट्रांसफर को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं. अब देखना होगा कि आगे इस मामले में क्या होता है. लेकिन एक बात तय है कि सीजेएम के फैसले ने अनुज चौधरी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. 

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