Advertisement
अमेरिका का बड़ा एक्शन! ईरान के एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर बरसाईं मिसाइलें
Iran-US War: अमेरिका अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ईरान के ऐसे ढांचे को भी निशाना बना रहा है जो वहां की आवाजाही और जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि इन हमलों से ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमता को बड़ा झटका लगा है.
Advertisement
Iran-US War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. दोनों देशी के बीच जारी टकराव अब और गंभीर होता दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने लगातार छठे दिन भी ईरान के कई अहम ठिकानों पर हवाई हमले किए. इन हमलों में दक्षिणी ईरान का एक एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और कई पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है. अमेरिका अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ईरान के ऐसे ढांचे को भी निशाना बना रहा है जो वहां की आवाजाही और जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि इन हमलों से ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमता को बड़ा झटका लगा है. दूसरी ओर ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है.
बंदर अब्बास रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर हुए हमले
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी इलाके होर्मुज और उसके आसपास कई जगहों पर जोरदार धमाके हुए. इरानशहर एयरपोर्ट के पास मिसाइल हमले किए गए, जहां लड़ाकू विमानों ने कई बार हमला किया. तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक एयरपोर्ट को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गई. वहीं बंदर अब्बास, जो ईरान का एक अहम बंदरगाह शहर है, वहां के रेलवे स्टेशन पर भी हमला किया गया. इन हमलों के बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों में डर फैल गया.
Advertisement
Advertisement
पुलों को नुकसान, कई लोग घायल
ईरानी अधिकारियों ने बताया कि होर्मुजगैन प्रांत के बंदर खामीर इलाके के पास दो पुलों पर भी हमले हुए. शुरुआती जानकारी के अनुसार इन हमलों मे दो लोगों की मौत हुई है, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं. सुरक्षा कारणों से बंदर अब्बास को जोड़ने वाले खामीर और लार मार्गों को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा केश्म आइलैंड पर भी हमले किए गए, जहां एक मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो गया. टावर को नुकसान पहुंचने से आसपास के इलाकों में मोबाइल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. यहां हुए हमले में सात लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है.
Advertisement
ट्रंप की चेतावनी के बाद तेज हुए हमले
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले ही ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी देशों के लिए पूरी तरह नहीं खोलता और बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो अमेरिका उसके अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा. ट्रंप ने साफ कहा था कि ईरान को बातचीत की मेज पर लौटना होगा, नहीं तो कार्रवाई और तेज होगी. फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा था कि जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तब तक हमले जारी रहेंगे.
खाड़ी देशो में बढ़ी चिंता, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
Advertisement
यह भी पढ़ें
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखाई देने लगा है. पड़ोसी देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संभावित खतरे को देखते हुए लगातार निगरानी रखी जा रही है. कुवैत ने अपने एयरस्पेस में कम से कम 32 संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की जानकारी दी है. वहीं इराक में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी है. विशेषज्ञो का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच यह टकराव जल्द नहीं रुका, तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है.