Advertisement

Loading Ad...

RBI का बड़ा बदलाव, बैंक अकाउंट अब होंगे मोबाइल नंबर की तरह पोर्टेबल

RBI New Rules: रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया RBI एक ऐसा नया प्लान तैयार कर रहा हैं , जिससे आप आपने बैंक बदल सकते हैं और आपका अकाउंट नंबर वही रहेगा. यानी अब आपको नया अकाउंट खोलने, हर जगह नया नंबर अपडेट करने और पेमेंट में गड़बड़ी का झंझट झेलना नहीं पड़ेगा.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

RBI: अक्सर हम अपने बैंक की ख़राब सर्विस या फिर ज्यादा चार्ज से परेशान हो जाते हैं , लेकिन अकाउंट बदलने का झंझट सोचकर पीछे हट जाते हैं, इस समस्या का हल करने के लिए जल्द ही आपके लिए राहत की खबर आने वाली हैं. रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया RBI एक ऐसा नया प्लान तैयार कर रहा हैं , जिससे आप आपने बैंक बदल सकते हैं और आपका अकाउंट नंबर वही रहेगा. यानी अब आपको नया अकाउंट खोलने, हर जगह नया नंबर अपडेट करने और पेमेंट में गड़बड़ी का झंझट झेलना नहीं पड़ेगा.

बैंक अकाउंट पोर्टेबिलिटी क्या है?

अभी अगर कोई व्यक्ति अपने बैंक से संतुष्ट नहीं है और नया बैंक चुनना चाहता है, तो उसे नया अकाउंट खोलना पड़ता है. फिर सारी चीज़ें जैसे सैलरी, EMI, SIP, बिल पेमेंट और सरकारी योजनाओं का पैसा सब नए अकाउंट नंबर में अपडेट करना पड़ता है. यही वजह है कि लोग अक्सर खराब सेवा होने के बावजूद बैंक नहीं बदलते.
RBI का यह नया प्लान इस परेशानी को खत्म करने के लिए लाया जा रहा है. इस व्यवस्था में आपका अकाउंट नंबर एक तरह की यूनिवर्सल पहचान बन जाएगा. आप किसी भी नए बैंक में जा सकते हैं, लेकिन आपका अकाउंट नंबर वही रहेगा. नया बैंक आपके पुराने नंबर को अपने सिस्टम में एक्टिव कर देगा.

Loading Ad...

EMI, SIP और बिल्स पर कोई असर नहीं

Loading Ad...

सबसे बड़ी राहत यह है कि बैंक बदलने पर आपके जरूरी पेमेंट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा. आपकी EMIs, SIP, बिजली-पानी और इंटरनेट बिल्स अपने आप नए बैंक से जुड़ जाएंगे. आपको अलग-अलग जगह जाकर सब कुछ अपडेट करने की जरूरत नहीं होगी. कोई पेमेंट रुकने या फेल होने का डर नहीं रहेगा.
RBI इसके लिए एक खास सिस्टम बना रहा है, जिसका नाम Payments Switching Service (PaSS) है. इसमें आपके सभी ऑटो पेमेंट एक जगह सुरक्षित रहेंगे और जैसे ही आप बैंक बदलेंगे, ये अपने आप नए बैंक से जुड़ जाएंगे.

क्या-क्या बदल सकता है?

Loading Ad...

इस प्रक्रिया में आपका अकाउंट नंबर, लोन, EMI और क्रेडिट हिस्ट्री पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे. हाँ, IFSC कोड बदल सकता है क्योंकि वह बैंक और ब्रांच से जुड़ा होता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको पेमेंट्स में कोई दिक्कत होगी. यानी अगर यह सिस्टम लागू होता है, तो आने वाले समय में बैंक बदलना उतना ही आसान हो जाएगा जितना आज हम मोबाइल नंबर पोर्ट करते हैं. कोई झंझट, कोई फाइलिंग या हर जगह अपडेट, बस आप नया बैंक चुनिए और बाकी सब अपने आप हो जाएगा.

LIVE
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...