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सरकार का नया आदेश, PNG नहीं लिया तो अपने आप कट जाएगा LPG कनेक्शन, जानिए नियम
PNG: गैस सप्लाई पर दबाव बढ़ने के कारण केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. अब जिन इलाकों में पाइप से गैस यानी PNG की सुविधा उपलब्ध है , वहां रहने वाले लोगों को उसी पर शिफ्ट होना पड़ेगा.
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LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब हमारे रोजमर्रा के जीवन पर ही दिखने लगा है. गैस सप्लाई पर दबाव बढ़ने के कारण केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. अब जिन इलाकों में पाइप से गैस यानी PNG की सुविधा उपलब्ध है , वहां रहने वाले लोगों को उसी पर शिफ्ट होना पड़ेगा. अगर ऐसा नहीं किया गया, तो कुछ समय बाद LPG सिलेंडर की सप्लाई अपने आप बंद हो सकती है. यह फैसला सुनने में थोड़ा सख्त लग सकता है. लेकिन इसके पीछे एक बड़ी सोच छिपी है , ताकि देश में गैस का सही तरीके से बंटवारा हो सके और किसी को कमी का सामना न करना पड़े.
PNG नहीं लिया तो क्या होगा?
सरकार के नए नियम के मुताबिक, अगर आपके इलाके में PNG कनेक्शन उपलब्ध है और आपको इसकी जानकारी दे दी जाती है, तो आपके पास 3 महीने का समय होगा.इस दौरान अगर आपने PNG के लिए आवेदन नहीं किया, तो उस पते पर LPG सिलेंडर की सप्लाई अपने आप बंद कर दी जाएगी. हालांकि, इसमें थोड़ी राहत भी है. अगर किसी तकनीकी कारण से आपके घर तक पाइपलाइन पहुंचाना संभव नहीं है, तो संबंधित एजेंसी आपको NOC देगी. ऐसे मामलों में LPG सप्लाई जारी रहेगी.
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आखिर यह फैसला क्यों लिया गया?
सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण LPG की सप्लाई पर असर पड़ रहा है. भारत काफी हद तक गैस के लिए आयात पर निर्भर है, और ऐसे हालात में जोखिम बढ़ जाता है. इसी वजह से PNG को एक बेहतर विकल्प के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है. PNG की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सीधे पाइपलाइन के जरिए घर तक पहुंचती है, यानी न सिलेंडर बुक करने की टेंशन, न खत्म होने की चिंता.
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नियम - अब काम होगा तेज
इस पूरी प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए सरकार ने कुछ सख्त लेकिन जरूरी नियम भी लागू किए हैं:
- हाउसिंग सोसायटी या कॉलोनी में पाइपलाइन लगाने की अनुमति 3 दिन के अंदर देनी होगी
- इसके बाद घरों में PNG कनेक्शन 48 घंटे के अंदर देने का लक्ष्य रखा गया है
- अगर कोई स्थानीय निकाय देरी करता है, तो उसे नोटिस मिलेगा
- लगातार देरी होने पर उस इलाके में LPG सप्लाई भी बंद की जा सकती है
- यानी अब प्रक्रिया को टालना आसान नहीं होगा, सब कुछ समयबद्ध तरीके से करना होगा.
PNG क्यों बन रहा है बेहतर विकल्प?
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- आज के समय में PNG को LPG से ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित माना जा रहा है.
- गैस लगातार मिलती रहती है, खत्म होने का डर नहीं
- सिलेंडर बदलने या बुकिंग की झंझट खत्म
- लीक होने पर गैस जल्दी हवा में फैल जाती है, जिससे खतरा कम होता है
- इन सब कारणों से सरकार और कंपनियां दोनों इसे आगे बढ़ाने पर जोर दे रही हैं.
कौन रखेगा नजर?
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इस पूरे सिस्टम की निगरानी की जिम्मेदारी Petroleum and Natural Gas Regulatory Board को दी गई है. यह एजेंसी ध्यान रखेगी कि:
सभी नियमों का सही तरीके से पालन हो
कहीं अनावश्यक देरी न हो
और अगर कोई कंपनी लापरवाही करती है, तो उस पर कार्रवाई की जाए