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चलती ट्रेन बनी पार्टी कोच, यात्रियों की हरकत से मचा हंगामा; VIDEO वायरल होते ही रेलवे ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
ट्रेन के कोच में कुछ यात्रियों ने तेज म्यूजिक और डांस के साथ माहौल को पार्टी में बदल दिया, जिससे बाकी यात्री परेशान हो गए. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बहस का मुद्दा बन गया है.
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अक्सर लोग ट्रेन में सफर करते समय सुकून और शांति की उम्मीद रखते हैं. लेकिन कभी-कभी ट्रेन में यात्रियों का कुछ ऐसा समूह भी सफर करता है. जिनकी हरकतें अन्य यात्रियों की शांतिपूर्ण यात्रा में बड़ी बाधा बना जाती है. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए है. वीडियो में एक ट्रेन का कोच अचानक पार्टी स्पेस में बदलता नजर आता है. तेज आवाज में गाने, ताली और डांस के बीच बाकी यात्रियों की परेशानी साफ दिखाई देती है. यही वजह है कि यह वीडियो अब इंटरनेट पर बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है.
यात्रियों ने बनाया पार्टी कोच
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक ही ग्रुप में यात्रा कर रहे थे और उन्होंने पूरे कोच में जोर-जोर से गाना गाना, ताली बजाना और डांस करना शुरू कर दिया. माहौल इतना शोरगुल वाला हो गया कि बाकी यात्री असहज महसूस करने लगे. हालांकि किसी ने सीधे उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की, लेकिन उनके चेहरे पर नाराजगी साफ झलक रही थी. वीडियो में एक तरफ लोग मस्ती में डूबे दिखते हैं, तो दूसरी तरफ अन्य यात्री चुपचाप यह सब सहते नजर आते हैं.
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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
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जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सामने आया, लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने इसे पब्लिक न्यूइसेंस करार दिया. एक यूजर ने लिखा कि क्या इन्होंने पूरी ट्रेन खरीद ली है. वहीं दूसरे ने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राइवेट पार्टी बना दिया गया है. कुछ लोगों ने तो इस तरह के यात्रियों पर सख्त कार्रवाई और ट्रेन में सफर करने पर बैन लगाने की भी मांग की. इसके अलावा मुंबई सेंट्रल रेलवे की तरफ़ से शेयर वीडियो पर कॉमेंट करते हुएलिखा गया कि 'कृपया सहायता के लिए अपना PNR नंबर साझा करें'।
सिविक सेंस पर उठे सवाल
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इस घटना के बाद लोगों ने सिविक सेंस को लेकर भी सवाल उठाए. कई यूजर्स का कहना था कि इस तरह की हरकतें समाज में गलत उदाहरण पेश करती हैं. एक यूजर ने लिखा कि जब बड़े लोग ही ऐसा व्यवहार करेंगे तो बच्चों को क्या सीख मिलेगी. वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बड़े ग्रुप अक्सर ज्यादा सीटें बुक करके खुद को पूरे कोच का मालिक समझने लगते हैं, जो दूसरों के लिए परेशानी का कारण बनता है. मामला बढ़ने के बाद भारतीय रेलवे ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है. रेलवे ने आरपीएफ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
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बहरहाल, यह घटना सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर व्यवहार की जिम्मेदारी की याद दिलाती है. सफर तभी सुखद बनता है जब हर यात्री दूसरों की सुविधा का भी ध्यान रखे.