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UP के युवाओं ने खोला सवालों का पिटारा... शिकोहाबाद में हुआ 'युवा नीति संवाद'; सरकार तक पहुंचेंगे जमीनी मुद्दे

शिकोहाबाद में 'होप संस्था' के 'युवा नीति संवाद' में 800 से अधिक युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की. युवाओं के सुझावों को नीति-निर्माण तक पहुंचाने की बात कही गई.

UP के युवाओं ने खोला सवालों का पिटारा... शिकोहाबाद में हुआ 'युवा नीति संवाद'; सरकार तक पहुंचेंगे जमीनी मुद्दे
Image Source: NMF INPUT
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'होप संस्था' (हाउस ऑफ पॉलिटिकल एम्पावरमेंट) के द्वारा शिकोहाबाद स्थित आराध्या गार्डन में 'युवा नीति संवाद- उत्तर प्रदेश (डिकोडिंग द ग्रासरूट्स)' का भव्य आयोजन किया गया. 'चर्चा, विचार-विमर्श और विकास' की थीम पर आधारित इस महासंवाद में 800 से अधिक युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. 'ज़मीनी स्तर की बातचीत से एक मज़बूत उत्तर प्रदेश की ओर' की मूल भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नीति, विकास और लोकतांत्रिक चर्चा के केंद्र में लाना था. संवाद के दौरान शिक्षा, रोज़गार, कौशल विकास, उद्यमिता, तकनीक, सामाजिक सुरक्षा और स्थानीय विकास जैसे अहम विषयों पर युवाओं ने अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं पर खुलकर मंथन किया.

युवा केवल लाभार्थी नहीं, लोकतंत्र के सक्रिय भागीदार

कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवक्ता होप संस्था के संस्थापक डॉ. दिग्विजय सिंह, हंसराज कॉलेज दिल्ली में प्रवक्ता डॉ. प्रभांशु ओझा, आदर्श कृष्ण कॉलेज, शिकोहाबाद के पूर्व प्राचार्य प्रो. मौकम सिंह, शिकोहाबाद के पालीवाल कॉलेज में प्रवक्ता डॉ. एमपी सिंह, अधिवक्ता राहुल यादव और पर्यावरणविद् दीपक गौरी ने शिरकत की. वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए. विविध सामाजिक- आर्थिक पृष्ठभूमि से आए युवाओं को विभिन्न सरकारी नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई. इसके साथ ही इन योजनाओं के प्रभाव और जमीनी स्तर पर इन्हें लागू करने में आ रही चुनौतियों की पहचान की गई. आयोजकों ने आश्वस्त किया कि इस संवाद से प्राप्त सुझावों को नीति-निर्माण से जुड़े संबंधित मंचों और सरकार तक पहुंचाया जाएगा.

नए भारत के निर्माण के सपने में युवाओं की अहम भूमिका

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प्रवक्ता डॉ. प्रभांशु ओझा ने कहा कि समाज में कोई भी नई क्रांति और रचनात्मकता युवाओं की ही देन है. राजनैतिक जागरूकता के बिना अन्य सभी जागरूकताएं अधूरी हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के निर्माण के सपने में युवाओं की अहम भूमिका है. सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का लाभ उठाकर गांव- देहात के युवा भी यूपीएससी जैसी परीक्षाएं पास कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में राज्य युवा आयोग की स्थापना की घोषणा की है, जो युवाओं की दिशा बदलने में एक बड़ा कदम साबित होगा.

सकारात्मक बदलाव और नीतियों पर संवाद जरूरी

होप संस्था के संस्थापक डॉ. दिग्विजय सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का सीधा प्रयास उत्तर प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं को सरकार तक पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि समाज में दो तरह की विचारधाराएं हैं- एक सकारात्मक जो अवसर खोजकर निर्माण कर रही है, और दूसरी नकारात्मक जो युवाओं को भटकाकर सड़क पर लाना चाहती है. बदलाव प्रकृति का नियम है. बिना नीतिगत बहस के किसी भी समाधान का निकलना संभव नहीं है। कृषि चौपाल के बाद अब अगले तीन महीनों तक पूरे प्रदेश में युवाओं की बात सरकार तक पहुंचाने का यह अभियान जारी रहेगा.

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वर्तमान में जिएं और पहले इच्छाशक्ति जगाएं

आदर्श कृष्ण कॉलेज, शिकोहाबाद के पूर्व प्राचार्य प्रो. मौकम सिंह ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज का युवा असमंजस की स्थिति में है. सफलता उसे मिलती है जो भूत या भविष्य को छोड़कर वर्तमान में जीकर मेहनत करता है. उन्होंने युवाओं को 'डिजायर एंड देन डिजर्व' का मंत्र देते हुए कहा कि पहले अपने अंदर लक्ष्य का बीज बोएं, फिर उसके अनुरूप कर्म करें. उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे बड़ी सफलता अभाव से ही निकलती है; देश में सबसे ज्यादा आईएएस और आईपीएस ग्रामीण और अभावग्रस्त पृष्ठभूमि से ही आते हैं.

युवाओं की बेबाक राय: संवाद से मिला नया मार्ग

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इस सार्थक पहल पर कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी. स्थानीय युवा विशाल यादव ने कहा कि इस संवाद ने ज़मीनी हकीकत और राष्ट्रीय नीतियों के बीच सीधा सेतु बनाने का काम किया है, जिससे हमारी सोच को सही दिशा मिली है. विनय यादव ने बताया कि इस कार्यक्रम से हमने समझा कि नीतियां कैसे काम करती हैं. आज हमें अपनी शिक्षा और रोजगार से जुड़ी ज़मीनी समस्याओं को खुलकर रखने का एक बेहतरीन मंच मिला.

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कौशल विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं की मिली जानकारी

यश यादव ने कहा कि मुझे यहां स्वरोजगार और कौशल विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं की गहराई से जानकारी मिली. ऐसे संवाद से आगे बढ़ने का सही रास्ता मिलता है. वहीं मयंक यादव ने कहा कि हमेशा हम सिर्फ सुनते थे, लेकिन आज हमें अपनी चुनौतियां बताने का अवसर मिला. यह साबित करता है कि हमारी आवाज़ भी नीति-निर्माण का हिस्सा होनी चाहिए. शीलेंद्र यादव ने कहा कि 'युवा सोच, मज़बूत लोकतंत्र' का नारा आज सच होता दिखा. लोकतंत्र में हमारी भागीदारी सिर्फ वोट देने तक सीमित नहीं है, नीतियों पर चर्चा करना भी उतना ही जरूरी है. कार्यक्रम में मंच संचालन आशुतोष यादव, हिमांशु द्विवेदी ने किया। उत्सव कुमार राय, नयन, आर्यन आदि का सफल आयोजन में विशेष सहयोग रहा.

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बताते चलें कि शिकोहाबाद में आयोजित यह युवा नीति संवाद युवाओं की सोच, सवालों और सुझावों को सामने लाने का एक महत्वपूर्ण मंच बना. अब इस संवाद से मिले विचारों को प्रदेश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने और युवाओं की आवाज को नीति-निर्माण से जोड़ने की पहल आगे बढ़ेगी.

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