Advertisement
योगी की पाती: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री ने गिनाए श्रीकृष्ण के संदेश, बोले- अन्याय का प्रतिकार और निर्बल की रक्षा जरूरी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सत्य, धर्म, कर्म, सामाजिक समरसता और लोककल्याण की भावना अपनाने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष का संदेश देती हैं.
Advertisement
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं मन को आनंदित करने वाली कथाएं मात्र नहीं, बल्कि इनमें गहन आध्यात्मिक संदेश निहित हैं.
सामाजिक समरसता का दिया संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने सामाजिक समरसता, सामूहिक सहयोग और लोककल्याण की भावना को जीवन में उतारने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि 'मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की अर्धरात्रि में मथुरा के कारागार में जब नंदलाला का प्राकट्य हुआ, तब असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच सत्य और धर्म का प्रकाश प्रस्तुतित हुआ.' उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं मन को आनंदित करने वाली कथाएं मात्र नहीं, बल्कि उनमें गहन आध्यात्मिक संदेश निहित हैं. माखन चोरी में सहजता और निश्चलता, गोप-गोपियों के साथ उनकी आत्मीयता में प्रेम और समरसता तथा कालिय नाग के दमन में अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश मिलता है. इस पावन अवसर पर आप सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (4 सितंबर, 2026) की हृदय से शुभकामनाएं.
Advertisement
यह भी पढ़े: 'तारीख पर तारीख अब नहीं चलेगी...', 5 साल पुराने राजस्व मामलों पर CM योगी का बड़ा आदेश
Advertisement
गोवर्धन पर्वत से सामाजिक एकजुटता का संदेश
सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें बताता है कि समाज की शक्ति सामूहिक सहकारिता में निहित है. गोवर्धन पर्वत धारण कर उन्होंने प्रकृति, पशुधन और कृषि-आधारित जीवन के संरक्षण तथा सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया. वृंदावन से लेकर बरसाना की राधारानी और नंदगांव की प्रेममयी स्मृतियों तक, ब्रज की धरती आज भी उस दिव्य चेतना को अपने कण-कण में संजोए हुए है. श्रीकृष्ण कुलीनता के नहीं, समरसता के प्रतीक हैं. वे समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़े रहे। वे द्वारकाधीश हैं, तो सुदामा के आत्मीय मित्र भी. सांदीपनि ऋषि के आश्रम में उन्होंने ज्ञान अर्जित किया और सुदामा के साथ उनकी मित्रता ने बताया कि सच्चे संबंध पद, प्रतिष्ठा और संपन्नता से नहीं, आत्मीयता से बनते हैं. यही समरसता, समानता और आत्मीयता आज के समाज की आवश्यकता है.
Advertisement
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 31, 2026
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की अर्धरात्रि में मथुरा के कारागार में जब नंदलाला का प्राकट्य हुआ, तब असत्य और अन्याय के अंधकार के बीच सत्य और धर्म का प्रकाश प्रस्फुटित हुआ।
योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें लोककल्याणकारी शासन की मूल भावना की प्रेरणा भी… pic.twitter.com/5ZPI9D0LoI
लोककल्याणकारी शासन की प्रेरणा देता है कृष्ण का जीवन
सीएम योगी ने आगे कहा कि योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें लोककल्याणकारी शासन की मूल भावना की प्रेरणा भी देता है. अन्याय का प्रतिकार, धर्म की रक्षा, निर्बल का संरक्षण और लोकमंगल उनके जीवन-दर्शन के प्रमुख आधार रहे. आज इसी भाव के साथ हमारी सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है. गरीबी मुक्त उत्तर प्रदेश, प्रतिभासंपन्न निपुण युवाओं को काम, अन्नदाताओं को सहारा एवं बेटियों को बेटों के समान आगे बढ़ने का अवसर, लोककल्याण की इसी भावना को धरातल पर उतारने का प्रयास हमारी सरकार कर रही है.
Advertisement
यह भी पढ़े: JPNIC पर CM योगी का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोले- 200 करोड़ का प्रोजेक्ट 864 करोड़ में भी अधूरा
गीता के कर्म और कर्तव्य मार्ग को अपनाने की अपील
योगी ने कहा कि गीता में योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कर्म, ज्ञान और कर्तव्य का जो मार्ग दिखाया, वह केवल किसी एक युग के लिए नहीं है. दैनिक जीवन की प्रत्येक चुनौती में इससे बड़ा मार्गदर्शन शायद ही कुछ और हो. निष्काम कर्म, सत्य के प्रति निष्ठा और लोकमंगल की भावना हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग बनाती है. सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती श्रीकृष्ण की लीलाओं और संदेशों की पावन भूमि है. मथुरा, गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगांव हमारी सनातन सांस्कृतिक चेतना के जीवंत केंद्र हैं. आइए, इस जन्माष्टमी पर अपनी विरासत के संरक्षण, सामाजिक समरसता और विकसित एवं गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लें तथा श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल के संदेश को अपने जीवन में उतारें.
Advertisement
यह भी पढ़ें
बता दें कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक समरसता, कर्तव्य और लोककल्याण की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया.