योगी सरकार सख्त, 8 मार्च तक गर्ल्स टॉयलेट नहीं तो... कार्रवाई! अधिकारियों को कड़े निर्देश
CM Yogi: सरकार स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं से लेकर पढ़ाई की गुणवत्ता तक हर स्तर पर सुधार करना चाहती है. छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था को प्राथमिकता देना इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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प्रदेश के सभी परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था 8 मार्च तक हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. यह आदेश बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने अधिकारियों को सख्ती के साथ दिया है. उन्होंने साफ कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं देना और बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
8 मार्च तक हर स्कूल में अलग शौचालय जरूरी
शिक्षा विभाग के मुताबिक अभी लगभग 98 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय बन चुके है. जो स्कूल अभी बाकी हैं, उनमें भी काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों को कहा गया है कि तय समय सीमा के भीतर यह काम पूरा हो जाए, ताकि लड़कियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. सरकार का मानना है कि स्कूलों में साफ और सुरक्षित शौचालय होने से छात्राओं की उपस्थिति बढ़ती है और पढ़ाई पर भी अच्छा असर पड़ता है.
योजनाओं की समीक्षा और सख्त निर्देश
एक समीक्षा बैठक में स्कूलों की व्यवस्थाओं और अलग-अलग सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जांच की गई. PM SHRI Scheme के तहत चुने गए स्कूलों में गतिविधियां तेज करने को कहा गया है. साथ ही वार्षिक परीक्षाएं सही तरीके से और बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हों, इसके लिए भी पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए.
बच्चों के भोजन और शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर
PM Poshan Yojana के तहत बच्चों को नियमित और पौष्टिक भोजन मिले, इस पर खास ध्यान देने को कहा गया है. इसके अलावा Samagra Shiksha Abhiyan के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV), निर्माण कार्य, प्री-प्राइमरी कक्षाएं और बाल वाटिका की पढ़ाई को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार चाहती है कि सिर्फ भवन ही नहीं, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता भी बेहतर हो.
दिव्यांग छात्रों और अन्य सुविधाओं पर भी फोकस
समेकित शिक्षा योजना के तहत दिव्यांग विद्यार्थियों को सहायक उपकरण समय पर दिए जाएं, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
इसके अलावा पाठ्यपुस्तकों की समय पर आपूर्ति, स्कूलों में फर्नीचर की उपलब्धता, स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का सही इस्तेमाल और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण तय समय सीमा में और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश
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सरकार स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं से लेकर पढ़ाई की गुणवत्ता तक हर स्तर पर सुधार करना चाहती है. छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था को प्राथमिकता देना इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.अगर सभी निर्देश समय पर पूरे होते हैं, तो प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सकेगा.
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