योगी सरकार का शिक्षा पर फोकस, 8.88 लाख छात्रों को मिली आर्थिक सहायता
इस योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों के बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये या उससे कम है. आर्थिक तंगी के कारण कई बार प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है. प्रदेश सरकार की यह योजना ऐसे छात्रों के लिए संबल का काम कर रही है और उन्हें शिक्षा से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है. सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी हैं. पिछड़ा वर्ग पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या के मामले में प्रयागराज जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है. यहां 39,892 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है. यह संख्या प्रदेश में सर्वाधिक है और दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर पात्र विद्यार्थियों तक पहुंच रहा है.
जौनपुर में 31 हजार से ज्यादा छात्रों को मिली छात्रवृत्ति
प्रदेश में प्रयागराज के बाद आजमगढ़ दूसरे स्थान पर रहा, जहां 35,785 छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति की राशि पहुंची है. इसी तरह गाजीपुर में 32,872 छात्र-छात्राओं को लाभ मिला, जबकि जौनपुर में 31,475 और कुशीनगर में 26,137 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है. इस तरह वर्ष 2025-26 में पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 8.88 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है. इसमें 4 लाख 58 हजार से ज्यादा छात्राएं, 4 लाख 30 हजार से अधिक छात्र और 3 ट्रांसजेंडर शामिल है. छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं.
कक्षा 9 और 10 के छात्रों को मिल रही छात्रवृत्ति
योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को 150 रुपये प्रतिमाह की दर से अधिकतम 10 माह तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है. इसके अतिरिक्त 750 रुपये वार्षिक अनुदान भी दिया जाता है. इस प्रकार एक छात्र को कुल 2,250 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. योगी सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया है. छात्र छात्रवृत्ति प्रबंधन प्रणाली की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते हैं. पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से कक्षा 9 और 10 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए है.
हर पात्र छात्र को समय पर सहायता उपलब्ध हो- निदेशक, पिछड़ा वर्ग
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इस योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों के बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये या उससे कम है. आर्थिक तंगी के कारण कई बार प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है. प्रदेश सरकार की यह योजना ऐसे छात्रों के लिए संबल का काम कर रही है और उन्हें शिक्षा से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजनाएं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं. सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने और हर पात्र छात्र को समय पर सहायता उपलब्ध हो.