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महिलाओं ने CM धामी को बांधी राखी, ‘सशक्त बहना उत्सव योजना’ से मिलेगा रोजगार को बढ़ावा

सीएम ने कहा कि 'सशक्त बहना उत्सव योजना' ने बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार के अवसर दिए हैं और पिछले साल भी कई महिलाओं को इस पहल से फायदा हुआ था. पिछले कुछ सालों में, हमने रक्षाबंधन के त्योहार पर 'सशक्त बहना योजना' शुरू की थी. इस योजना के तहत, हमारी महिलाएं कई तरह के उत्पाद बनाती हैं.

Image Credit: Facebook/@Pushkar Singh Dhami
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में 'मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना' के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का उद्घाटन किया. स्टॉलों का दौरा करके मुख्यमंत्री ने इन समूहों से जुड़ी महिलाओं का हौसला बढ़ाया.

महिलाओं ने सीएम धामी को बांधी राखी

मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाई गई राखियां भी खरीदीं, इस दौरान कई महिलाओं ने उन्हें भाई मानते हुए राखी भी बांधी, सीएम ने सभी के उज्जवल भविष्य की कामना भी की. साथ ही, उनके हुनर ​​व कड़ी मेहनत की सराहना की.

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महिलाओं के उत्पादों को मिल रहा साझा मंच

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जिनमें मोटे अनाज (मिलेट्स), सिलाई-बुनाई का सामान, ऊनी उत्पाद, प्रसाद, लड्डू, खाने-पीने की चीजें, जैम, अचार और मोटे अनाज से बने बेकरी उत्पाद शामिल हैं. यहां सुंदर राखियां और रक्षाबंधन से जुड़ी अन्य चीजें भी रखी गई हैं. इसका मकसद इन सभी उत्पादों को एक साझा मंच और मार्केटिंग का मौका देना है. इन महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद बहुत अच्छी क्वालिटी के हैं.

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उन्होंने कहा कि रेल, सड़क और रोपवे ये तीनों ही हमारी प्राथमिकताएं हैं. सड़क के क्षेत्र में काफी काम पूरा हो चुका है, जिसमें दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे और चार धाम ऑल-वेदर रोड्स का खुलना शामिल है. साथ ही, पूरे राज्य में एक छोर से दूसरे छोर तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना शामिल है.

सड़क, रेल और रोपवे सरकार की प्राथमिकता

उन्होंने बताया कि रोपवे परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से शासकीय आवास पर बैठक के दौरान अधिकारियों को पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 50 रोपवे परियोजनाओं के संबंध में लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने एवं सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा कर नई समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही सोनप्रयाग-केदारनाथ, टनकपुर-पूर्णागिरि, काठगोदाम-नैनीताल, गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब, कनकचौरी-कार्तिक स्वामी, देहरादून-मसूरी एवं जानकीचट्टी सहित प्रमुख रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की. 

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इन प्रमुख रोपवे परियोजनाओं की हुई समीक्षा

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बैठक में हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र की प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं, उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की कार्यप्रगति एवं भावी परियोजनाओं की ग्राउंडिंग के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक रोपवे परियोजना के साथ पर्याप्त पार्किंग सुविधा को समेकित योजना का हिस्सा बनाने तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लाइसेंसिंग एवं अनुमोदन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी बनाया जाए. पीपीपी मॉडल के माध्यम से अधिक से अधिक रोपवे परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए निवेशकों के साथ प्रभावी समन्वय एवं ठोस कार्ययोजना तैयार किया जाए.

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