Advertisement
क्या फिर टूटेगी उद्धव ठाकरे की शिवसेना? 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच बुलाई गई सांसदों की अहम बैठक, जानें कौन रहा नदारद
महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे ने मातोश्री पर सांसदों की बैठक बुलाई. पार्टी ने इसे संगठनात्मक समीक्षा और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक बताया.
Advertisement
महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई स्थित अपने आवास 'मातोश्री' पर पार्टी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई. यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब राज्य की राजनीति में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चर्चाएं तेज हैं. राजनीतिक गलियारों में लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है.
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक मुद्दों की समीक्षा करना और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा करना था. इसके बावजूद बैठक के समय और परिस्थितियों ने इसे काफी महत्वपूर्ण बना दिया. पार्टी नेतृत्व ने सभी सांसदों को एक साथ बुलाकर स्थिति का आकलन करने और भविष्य की रणनीति पर विचार करने का फैसला किया.
9 में से 8 सांसद बैठक में हुए शामिल
Advertisement
मातोश्री में आयोजित इस बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के कुल 9 सांसदों में से 8 ने हिस्सा लिया. राज्यसभा सांसद संजय राउत भी बैठक में मौजूद रहे. चार सांसद बैठक में व्यक्तिगत रूप से पहुंचे, जबकि चार सांसद ऑनलाइन माध्यम से जुड़े. बैठक में फिजिकली मौजूद सांसदों में अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय दीना पाटिल शामिल रहे. वहीं संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमराजे निंबालकर और नागेश पाटिल अष्टीकर ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े. परभणी से सांसद संजय जाधव की अनुपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी, क्योंकि वह हाल के कुछ पार्टी कार्यक्रमों में भी नजर नहीं आए थे.
Advertisement
संजय जाधव की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
बैठक के बाद कई राजनीतिक विश्लेषकों ने संजय जाधव की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए. ऐसे समय में जब पार्टी के भीतर संभावित टूट और बगावत की चर्चाएं चल रही हों, किसी वरिष्ठ सांसद का बैठक में शामिल न होना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया. हालांकि पार्टी नेतृत्व ने इस मुद्दे को ज्यादा तूल नहीं दिया और इसे सामान्य परिस्थिति बताया. फिर भी राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़कर देख रहे हैं.
Advertisement
संजय राउत ने संकट की अटकलों को किया खारिज
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पार्टी में किसी भी प्रकार के संकट या टूट की संभावना से साफ इनकार किया. उन्होंने कहा कि यह एक नियमित संगठनात्मक बैठक थी, जैसी पार्टी समय-समय पर अपने जनप्रतिनिधियों के साथ करती रहती है. राउत ने बताया कि संजय जाधव की उद्धव ठाकरे से फोन पर बातचीत हुई थी. वहीं अन्य सांसदों की अनुपस्थिति के पीछे व्यक्तिगत और पारिवारिक कारण थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी सांसद की फिजिकल मौजूदगी या ऑनलाइन भागीदारी को राजनीतिक संकट से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
'ऑपरेशन टाइगर' पर राउत का पलटवार
Advertisement
महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ समय से 'ऑपरेशन टाइगर' शब्द काफी चर्चा में है. दावा किया जा रहा है कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ नेता और सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि पिछले दो वर्षों से इस तरह की बातें सुनने को मिल रही हैं, लेकिन अब तक कुछ भी साबित नहीं हुआ है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई 'ऑपरेशन टाइगर' चला रहा है, तो उसका जवाब 'ऑपरेशन फॉक्स' से दिया जाएगा. उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया.
शिंदे गुट ने भी किया खंडन
दूसरी ओर, शिंदे गुट के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने भी 'ऑपरेशन टाइगर' की खबरों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि ऐसा कोई अभियान नहीं चल रहा है. हालांकि उन्होंने यह जरूर दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के कई नेता और जनप्रतिनिधि एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं.
Advertisement
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि शिवसेना के विभाजन के बाद से दोनों गुटों के बीच राजनीतिक संघर्ष लगातार जारी है. ऐसे में उद्धव ठाकरे की यह बैठक और उससे जुड़ी चर्चाएं आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा दे सकती हैं. फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह केवल राजनीतिक अटकलें हैं या फिर आने वाले समय में कोई बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा.