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18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय होने से शिक्षामित्रों के परिवार में खुशी का माहौल

मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह बेहद भव्य रहा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब पंद्रह सौ लोगों की क्षमता का प्रेक्षागृह शिक्षामित्रों से खचाखच भरा हुआ था। यहां प्रदेश के कई जिलों से शिक्षामित्र मुख्यमंत्री का संबोधन सुनने और मानदेय वृद्धि के लिए आभार व्यक्त करने आए थे।

18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय होने से शिक्षामित्रों के परिवार में खुशी का माहौल
Image Credit: UP IPRD
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गोरखपुर, 5 मई। बेसिक शिक्षा के उन्नयन में योगदान देने के बावजूद 2017 के पहले तक खुद को उपेक्षित महसूस करने वाले प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों के चेहरों पर योगी सरकार ने मान-सम्मान का मुस्कुराता भाव बिखेर दिया है। मानदेय में 80 प्रतिशत वृद्धि और पांच लाख रुपये के कैशलेस इलाज की सुविधा से अभिभूत हुए शिक्षामित्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी उपेक्षा को दूर कर दिल जीत लिया है। गोरखपुर में आयोजित प्रदेशस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह में शामिल होने आए शिक्षामित्र यह कहते नहीं थक रहे थे, ‘बहुत बहुत आभार मुख्यमंत्री जी।’

मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह बेहद भव्य रहा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब पंद्रह सौ लोगों की क्षमता का प्रेक्षागृह शिक्षामित्रों से खचाखच भरा हुआ था। यहां प्रदेश के कई जिलों से शिक्षामित्र मुख्यमंत्री का संबोधन सुनने और मानदेय वृद्धि के लिए आभार व्यक्त करने आए थे। 

सीएम योगी के हाथों सम्मानित होने वाले, कासगंज से आए शिक्षामित्र तेजभान सिंह ने कहा मानदेय 10 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़कर 18 हजार रुपये होने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। अब हम खुद को सम्मानजनक स्थिति में पा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहुत धन्यवाद कि उन्होंने हमारी उपेक्षा दूर की। महराजगंज जिले से आईं शिक्षामित्र शशिप्रभा सिंह सीएम योगी के हाथों मानदेय वृद्धि का प्रतीकात्मक चेक पाकर काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाकर हम शिक्षामित्रों के परिवार को काफी राहत दी है। इसके साथ ही वह पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुरक्षा भी दिलाने जा रहे हैं। यह सही मायने में शिक्षामित्रों की सेवाओं का सम्मान है। 

कुशीनगर जिले में शिक्षामित्र अनुराधा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने मानदेय बढ़ाकर शिक्षामित्रों की पीड़ा का निवारण किया है। आर्थिक उन्नयन के साथ कैशलेश इलाज की सुविधा देकर उन्होंने शिक्षामित्रों को अपना मुरीद बना लिया है। उनके प्रति आभार व्यक्त करने को शब्द कम पड़ जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुईं गोरखपुर की शिक्षामित्र फारिहा तबस्सुम ने कहा कि आज वह खुद को बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहीं हैं। शुरुआती दौर में 3500 रुपये मानदेय ही मिलता था। इसे बढ़ाकर पहले 10 हजार और अब 18 हजार रुपये करके मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों को बड़ी राहत दी है। सही मायने में वह जो कहते हैं, उसे पूरा भी करते हैं। मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद।  

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समेकित शिक्षा के स्टाल पर बच्चों की मेधा से बेहद प्रभावित हुए सीएम योगी

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शिक्षामित्र सम्मान समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में लगाई गई शैक्षिक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने समेकित शिक्षा के स्टाल पर वह बच्चों की मेधा से बेहद प्रभावित हुए। यहां उन्होंने कॉक्लियर इंप्लांट के सहयोग से स्पीच थेरेपी लेते हुए शिक्षा ग्रहण कर रही बालिका से उसकी पढ़ाई और सीखने पर बात की। सीएम योगी ने श्रवण बाधित बालिका कविता के साथ साइन लैंग्वेज में उसके द्वारा सीखे गए पाठों के अधिगम को भी समझा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री को दृष्टिबाधित बालिका ने ब्रेल लिपि से अपने पाठ्यवस्तु को पढ़कर सुनाया। उसका धाराप्रवाह पाठ सुनकर सीएम योगी बेहद खुश हुए। उन्होंने अपने मंचीय संबोधन में बेसिक शिक्षा विभाग की शैक्षिक प्रगति को बताते  हुए दृष्टिबाधित बालिका के फर्राटेदार ब्रेल लिपि पढ़ने के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि दृष्टिबाधित छात्रा बिल्कुल उतनी ही तीव्रता से हिंदी को पढ़ रही थी, जिस तीव्रता से हम सभी बोल रहे हैं। यह बेसिक शिक्षा विभाग की शैक्षिक प्रगति का एक बेहतरीन उदाहरण है।

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