सिर्फ 7 घंटे में पूरा होगा लखनऊ से भोपाल का सफर, UP में बनेगा नया ग्रीनफील्ड हाइवे, 5757 करोड़ रुपये होंगे खर्च

Lucknow to Bhopal Highway: यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा भारतमाला योजना के तहत तैयार की जा रही है. इस हाइवे का मुख्य हिस्सा कानपुर से महोबा के कबरई तक बनेगा और इसकी लंबाई लगभग 118 किलोमीटर होगी.

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24 Feb 2026
( Updated: 24 Feb 2026
04:50 PM )
सिर्फ 7 घंटे में पूरा होगा लखनऊ से भोपाल का सफर, UP में बनेगा नया ग्रीनफील्ड हाइवे, 5757 करोड़ रुपये होंगे खर्च
Image Source: Social Media

Lucknow to Bhopal in Seven hours: देश और खासकर उत्तर प्रदेश में इन दिनों सड़कों का तेजी से विकास हो रहा है. नई-नई सड़कें, हाइवे और एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं ताकि लोगों की यात्रा आसान हो सके और व्यापार को भी बढ़ावा मिले. इसी कड़ी में अब लखनऊ से भोपाल के बीच एक नया ग्रीनफील्ड हाइवे बनाया जा रहा है. यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा भारतमाला योजना के तहत तैयार की जा रही है. इस हाइवे का मुख्य हिस्सा कानपुर से महोबा के कबरई तक बनेगा और इसकी लंबाई लगभग 118 किलोमीटर होगी.

लखनऊ से भोपाल की दूरी होगी आसान

अभी अगर कोई व्यक्ति लखनऊ से भोपाल तक यात्रा करता है, तो उसे लगभग 600 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. इस सफर में आमतौर पर 12 से 14 घंटे तक का समय लग जाता है. लंबा समय, ट्रैफिक और खराब सड़कें यात्रियों को थका देती हैं. लेकिन इस नए ग्रीनफील्ड हाइवे के बनने के बाद यही सफर घटकर लगभग 7 घंटे में पूरा हो सकेगा. यानी लोगों का आधा समय बचेगा और ईंधन की भी बचत होगी. इससे यात्रियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी.

किन जिलों से होकर गुजरेगा हाइवे

यह नया हाइवे कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर और महोबा जिलों से होकर गुजरेगा. आगे चलकर यह मध्य प्रदेश में सागर हाईवे से जुड़ जाएगा. इस पूरी परियोजना पर लगभग 5757 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इस हाइवे को एक्सेस कंट्रोल्ड बनाया जाएगा, यानी इसमें सीमित एंट्री और एग्जिट पॉइंट होंगे. इससे सड़क पर ट्रैफिक नियंत्रित रहेगा और दुर्घटनाएं कम होंगी.

व्यापार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

इस हाइवे का सबसे बड़ा फायदा व्यापार और उद्योग को होगा. कानपुर को पहले से ही राज्य की औद्योगिक राजधानी कहा जाता है. यहां चमड़ा, कपड़ा और कई अन्य उद्योग बड़े पैमाने पर चलते हैं. जब नई सड़क बनेगी, तो कच्चा माल फैक्ट्रियों तक जल्दी पहुंचेगा और तैयार सामान आसानी से दूसरे शहरों और राज्यों तक भेजा जा सकेगा. इससे उद्योगों की लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा.
सरकार की योजना है कि इस हाइवे के दोनों तरफ विशेष औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जाएं. इससे नए कारखाने खुलेंगे, निवेश बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क बनने से पूरा क्षेत्र आर्थिक रूप से आगे बढ़ेगा.

कानपुर बनेगा मजबूत ट्रांसपोर्ट हब

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इस ग्रीनफील्ड हाइवे की कनेक्टिविटी कानपुर रिंग रोड से भी होगी, जो रमईपुर के मगरासा क्षेत्र में जुड़ेगी. रिंग रोड पहले से ही शहर को कई बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ रही है. इससे प्रयागराज, वाराणसी, दिल्ली, अलीगढ़, कन्नौज, फर्रुखाबाद और झांसी जैसे शहरों तक सफर और आसान हो जाएगा. यह नया हाइवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि विकास की नई राह है. इससे यात्रा तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगी। साथ ही व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.आने वाले समय में यह परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक मजबूती का बड़ा आधार बनेगी.

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