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तमिलनाडु विधानसभा में NDA के साथ गठबंधन की अटकलों को थलपति विजय ने किया खारिज, अकेले चुनाव लड़ेगी TVK
Tamil Nadu Assembly Election: अभिनेता से नेता बने थलपति विजय ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरने का फैसला किया है. उन्होंने NDA के साथ गठबंधन की चर्चाओं को भी सिरे से नकार दिया है. उन्होंने दो टूक कहा कि उनकी पार्टी मूल सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी.
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आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ गठबंधन करने की अटकलों को खारिज करते हुए, पार्टी अध्यक्ष विजय ने बुधवार को जोर देकर कहा कि पार्टी के मूल सिद्धांतों, "धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय", पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
चेन्नई से लगभग 60 किमी दक्षिण में, मामल्लापुरम में पार्टी द्वारा आयोजित एक इफ्तार सभा को संबोधित करते हुए, विजय ने अपनी पार्टी की राजनीतिक स्थिति के बारे में चल रही अफ़वाहों को खत्म करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत से ही, टीवीके को अलग-अलग राजनीतिक खेमों से जुड़ा हुआ दिखाने की कोशिशें की गई हैं.
विजय ने NDA से गठबंधन पर क्या कहा?
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उन्होंने कहा, "जब से मैंने राजनीति में कदम रखा है, तब से लगातार अफवाहें उड़ रही हैं कि हम किसी न किसी पार्टी के इशारे पर काम कर रहे हैं. अलग-अलग समय पर, लोगों ने कहा है कि हम इस गठबंधन या उस गठबंधन का हिस्सा हैं. लेकिन मैं यह बिल्कुल साफ़ कर देना चाहता हूं. हम ऐसी किसी भी टीम का हिस्सा नहीं हैं. हम सिर्फ़ जनता की टीम का हिस्सा हैं."
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विजय ने आगे दावा किया कि जब ऐसी बातें लोगों के बीच अपनी जगह बनाने में नाकाम रहीं, तो गलत जानकारी के नए रूप सामने आने लगे; इनमें हालिया दावे भी शामिल हैं कि टीवीके चुनावों से पहले किसी राजनीतिक गठबंधन में शामिल होने की तैयारी कर रही है. उन्होंने इन रिपोर्टों को एक 'झूठा अभियान' बताया, जिसका मकसद जनता को गुमराह करना और पार्टी की स्वतंत्र पहचान को कमजोर करना है.
उन्होंने जोर देकर कहा, "ऐसी खबरें सुनकर आपको शायद कुछ भ्रम हो सकता है. इन अफवाहों को फैलाने के पीछे ठीक यही मकसद है. मैं एक बार फिर साफ तौर पर दोहराता हूं. हम बिना किसी समझौते के, धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय के अपने सिद्धांतों पर हमेशा कायम रहेंगे."
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विजय को क्यों देनी पड़ी सफाई!
दरअसल, पिछले कुछ समय से यह चर्चा चल रही थी कि टीवीके और एनडीए के बीच गठबंधन की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर यह गठबंधन हो जाता, तो चुनाव तीन तरफा हो सकता था. लेकिन विचारधारा में अंतर और नेतृत्व को लेकर असहमति के कारण बात बन नहीं पाई.
बीजेपी ने क्या दिया था ऑफर?
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सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने टीवीके को करीब 60 सीटें और डिप्टी सीएम का पद ऑफर किया था. इसके जवाब में टीवीके की तरफ से यह मांग रखी गई थी कि सत्ता साझा करने का फॉर्मूला हो, जिसमें विजय पहले आधे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बनें. लेकिन इस प्रस्ताव को एआईएडीएमके नेतृत्व, खासकर एडप्पाडी के पलनीस्वामी ने स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद बातचीत टूट गई.
अब तमिलनाडु में होगा चतुष्कोणीय मुकाबला!
अब माना जा रहा है कि तमिलनाडु में इस बार सीधा मुकाबला नहीं बल्कि चतुष्कोणीय कड़ा चुनावी संघर्ष देखने को मिलेगा. एक तरफ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का गठबंधन होगा, दूसरी ओर ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और भाजपा का साथ, तीसरी तरफ विजय की टीवीके और चौथी तरफ नाम तमिलर काची (एनटीके), जो पहले से ही अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में है.
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अब टीवीके ने अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. खबर है कि करीब 60 सीटों के लिए नाम तय भी हो चुके हैं और जल्द ही पूरी सूची और घोषणापत्र जारी किया जाएगा. विजय के चेन्नई के पेरंबूर सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है, जबकि आधव अर्जुन (विलिवक्कम) और आनंद (टी नगर) जैसे प्रमुख नेताओं को भी अलग-अलग सीटों से मैदान में उतारने की तैयारी है. राजमोहन अरुमुगम, अरुल प्रकाशम और पी. वेंकटरमण सहित कई अन्य नामों पर भी विचार किया जा रहा है.