Advertisement

Loading Ad...

लखनऊ अग्निकांड: एक्शन में योगी सरकार, 4 अफसर सस्पेंड, 3 आरोपी गिरफ्तार; 24 घंटे के अंदर मृतकों के परिवारों को सौंपी गई सहायता राशि!

लखनऊ अग्निकांड मामले में योगी सरकार फुल एक्शन मोड में है. सूत्रों के मुताबिक सभी मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के अंदर  5-5 लाख की सहायता राशि सौंप दी गई है. वहीं अब तक 4 अधिकारियों को सस्पेंड, 3 आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा कानपुर में भी 5 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया है.

CM Yogi (File Photo) / Image: UPPRD
Loading Ad...

लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई. इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है और मामले में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. इतना ही नहीं दोषी अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है और 3 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है. 

24 घंटे के अंदर सौंपी गई सहायता राशि

वहीं सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री की ओर से घोषित 5-5 लाख की सहायता राशि महज 24 घंटे के अंदर मृतकों के निकट परिजनों को सौंप दी गई है. इसके अलावा मुख्यमंत्री की ओर से घायलों के लिए भी 50 हजार रुपए की सहायता राशि का ऐलान किया गया है.

Loading Ad...

अभियुक्तों पर कौन सी धारा लगाई गई है?

Loading Ad...

जहां तक अग्निकांड मामले में कार्रवाई की बात है तो इमारत के मालिक समेत चार नामजद तथा अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110, 125 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

कानपुर में KDA का एक्शन, 5 प्रतिष्ठान सील

Loading Ad...

वहीं लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) भी सक्रिय हो गया है. कोचिंग संस्थानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ केडीए ने वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है. कानपुर के चार जोनों में 22 प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है. इनमें से पांच प्रतिष्ठानों को केडीए अधिकारियों ने सील कर दिया है. केडीए की ओर से देर रात तक अभियान चलाया गया.

बीते दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है. घटना के कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने अग्निकांड में घायल लोगों से मुलाकात की.

सीएम ने घायल बच्चों और परिजनों से भी ली जानकारी 

Loading Ad...

इसके बाद मुख्यमंत्री घटनास्थल से सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे. वह यहां भर्ती कराए गए घायल बच्चों से मिले. उनसे भी आग लगने के कारणों और घटना के बारे में पूरी जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों को भी हिम्मत बंधाई और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने केजीएमयू प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के लिए भी निर्देशित किया. कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सीएम योगी को घायलों के इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी. 

ये भी पढ़ें: लखनऊ अग्निकांड केस में बड़ा खुलासा, 2016 में 2 महीने के अंदर पलटा गया ध्वस्तीकरण आदेश...SIT के रडार पर बड़े-बड़े अफसर

मृतकों के परिजनों को सीएम ने दिया संबल

Loading Ad...

मुख्यमंत्री जब KGMU पहुंचे तो उनकी मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात हुई. मुख्यमंत्री ने घटना पर शोक प्रकट करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया. उन्होंने परिजनों के आंसू भी पोंछे. कहा कि हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते हैं कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे. सरकार परिजनों के साथ है.

ये भी पढ़ें: लखनऊ अग्निकांड मामले में CM योगी का सख़्त एक्शन, 4 अफसर सस्पेंड, 3 आरोपी गिरफ्तार, बड़े अधिकारियों पर भी शिकंजे की तैयारी

यह भी पढ़ें

आपको बता दें कि घटनास्थल के निरीक्षण और KGMU का दौरा करते समय मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा) अमित कुमार घोष, डीजी (फायर सर्विस) सुजीत पांडेय, लखनऊ के आयुक्त विजय विश्वास पंत और जिलाधिकारी विशाख भी मौजूद रहे.

LIVE
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...