Advertisement
संविदा कर्मचारियों की मौज! हरियाणा में अब 58 वर्ष तक जॉब सिक्योरिटी का रास्ता साफ
Haryana: सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि सभी पात्र कर्मचारियों के आवेदनों का सत्यापन तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा, ताकि किसी भी योग्य कर्मचारी को उसका हक मिलने में देरी न हो.
Advertisement
Contractual Employees: हरियाणा सरकार ने राज्य के करीब सवा लाख संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की दिशा में काम तेज कर दिया है. लंबे समय से जिस सेवा सुरक्षा कानून का इंतजार किया जा रहा था, अब उसकी प्रक्रिया को और तेज कर दिया गया है. सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि सभी पात्र कर्मचारियों के आवेदनों का सत्यापन तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा, ताकि किसी भी योग्य कर्मचारी को उसका हक मिलने में देरी न हो.
लंबित आवेदनों पर सरकार सख्त, तय हुई नई डेडलाइन
मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों, बोर्ड-निगमों और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं. आदेश में कहा गया है कि हरियाणा कांट्रेक्चुअल एंप्लाइज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट, 2024 के तहत प्राप्त सभी लंबित आवेदनों का सत्यापन हर हाल में 15 अगस्त 2026 तक पूरा किया जाए.
सरकार को यह जानकारी मिली थी कि कई विभागों में आवेदन लंबे समय से अटके हुए हैं, जिससे पात्र कर्मचारियों को कानून का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा था. इसी को देखते हुए अब पूरी प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया गया है.
Advertisement
हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, अब राज्य खेलों के खिलाड़ियों को भी मिलेगा फायदा
Advertisement
सवा लाख कर्मचारियों को मिल सकता है फायदा
यह कानून नायब सिंह सैनी सरकार द्वारा लगभग पौने दो वर्ष पहले विधानसभा में पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य संविदा कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता और सुरक्षा देना है. इसके लागू होने के बाद पहली बार हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) सहित कई श्रेणियों के संविदा कर्मचारियों को कानूनी रूप से सेवा सुरक्षा का अधिकार मिला है. सरकार का अनुमान है कि इस व्यवस्था से करीब सवा लाख कर्मचारी लाभान्वित हो सकते हैं. पात्र कर्मचारी शर्तें पूरी करने के बाद 58 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे.
Advertisement
पात्रता के नियम भी किए गए स्पष्ट
सरकार ने यह भी साफ किया है कि किन कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिलेगा. इसके तहत वे संविदा, आउटसोर्स या HKRN के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी पात्र होंगे जो संबंधित तिथि पर सरकारी विभाग, बोर्ड या निगम में काम कर रहे थे. इसके साथ ही उनका वेतन निर्धारित सीमा के भीतर होना चाहिए और उन्होंने कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी की हो. इन शर्तों को पूरा करने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट आयु तक सेवा सुरक्षा देने का प्रावधान किया गया है.
सिर्फ नौकरी की सुरक्षा नहीं, कई और लाभ भी शामिल
Advertisement
इस कानून के तहत कर्मचारियों को सिर्फ नौकरी की सुरक्षा ही नहीं मिलेगी, बल्कि कई अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी. इनमें प्रवेश वेतन के अनुसार समेकित वेतन, सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त पारिश्रमिक, चिरायु योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं, ग्रेच्युटी, मातृत्व लाभ और अनुकंपा सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों को न सिर्फ स्थिरता मिलेगी बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा स्तर में भी सुधार होगा.
प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विभागों को निर्देश
यह भी पढ़ें
मुख्य सचिव कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी विभागों के लिए यूजर मैनुअल पहले से पोर्टल पर उपलब्ध है, जिससे सत्यापन प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सके. अगर किसी अधिकारी को तकनीकी समस्या आती है तो उसे तुरंत HRD या HKCL से संपर्क कर समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं.
सरकार की कोशिश है कि तय समय सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निपटारा हो जाए और पात्र कर्मचारियों को बिना किसी देरी के उनके अधिकार मिल सकें.