ममता बनर्जी को लौटाएंगे शादी और पूजा में मिले गिफ्ट, TMC की बागी सांसद के बेटे ने किया ऐलान, जानें पूरा मामला
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है. इसी बीच बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ वैद्यनाथ घोष ने ममता बनर्जी की ओर से मिले उपहार लौटाने का ऐलान किया है.
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. विधानसभा चुनाव में उम्मीद से खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी नेतृत्व पर दबाव बढ़ा है और अब आंतरिक असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. सांसदों और नेताओं के बीच बढ़ती दूरी ने पार्टी के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. इसी बीच टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के परिवार की ओर से आया एक फैसला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है.
अंतरात्मा की आवाज पर लौटाए जाएंगे उपहार
पार्टी के बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ वैद्यनाथ घोष ने रविवार को घोषणा की कि वह पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से मिले सभी व्यक्तिगत उपहार वापस कर देंगे. उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने हाल के घटनाक्रम और अपनी अंतरात्मा की आवाज को ध्यान में रखकर लिया है. डॉ वैद्यनाथ घोष ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में बताया कि उनकी पत्नी को शादी के अवसर पर ममता बनर्जी की ओर से एक सोने की चेन उपहार में मिली थी. वहीं उन्हें दुर्गा पूजा के दौरान कुर्ता-पायजामा भेंट किया गया था. उन्होंने कहा कि वह इन उपहारों के लिए हमेशा आभारी रहे हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें लौटाना ही उचित समझते हैं.
टीएमसी नेतृत्व और बागी गुट के बीच बढ़ा टकराव
इस घटनाक्रम ने इसलिए भी राजनीतिक महत्व हासिल कर लिया है क्योंकि यह फैसला ऐसे समय पर सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व और पार्टी के बागी सांसदों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है. माना जा रहा है कि लोकसभा में पार्टी के असंतुष्ट सांसदों का एक समूह नेतृत्व के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल चुका है.
बेटे के फैसले पर मां ने जताया गर्व
डॉ वैद्यनाथ घोष के इस कदम को उनकी मां और बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार का भी समर्थन मिला है. उन्होंने अपने बेटे की सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि उन्हें अपने बेटे और बहू पर गर्व है. इस प्रतिक्रिया ने साफ संकेत दिया कि परिवार अपने फैसले पर पूरी तरह एकजुट है.
कानूनी नोटिस भेजने की भी तैयारी
मामला केवल उपहार लौटाने तक सीमित नहीं है. डॉ घोष ने यह भी कहा है कि उनके परिवार के खिलाफ कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. उनके अनुसार, वकीलों के माध्यम से ममता बनर्जी सहित कुछ अन्य नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा जाएगा. इस नोटिस में कथित टिप्पणियों को वापस लेने की मांग की जाएगी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस की टिप्पणी बनी विवाद की वजह
विवाद की जड़ एक महीने पहले हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को माना जा रहा है. डॉ घोष का दावा है कि उस दौरान एक सांसद और उनके परिवार को लेकर अप्रत्यक्ष टिप्पणी की गई थी. भले ही नाम नहीं लिया गया, लेकिन उन्हें लगा कि इशारा उनके परिवार की ओर था. इसी बात ने नाराजगी को और बढ़ा दिया.
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बताते चलें कि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टीएमसी के भीतर बढ़ती असहमति आने वाले समय में पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है. खासतौर पर तब, जब बागी सांसदों का गुट अपनी राजनीतिक रणनीति को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में उपहार लौटाने और कानूनी नोटिस की तैयारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.