CM योगी के निर्देश पर पूरे UP में ताबड़तोड़ एक्शन, प्रयागराज में खान सर के कोचिंग सेंटर पर लटका ताला, 100 से ज्यादा सील
CM योगी के निर्देश पर लखनऊ, कानपुर, मेरठ से लेकर पूरे यूपी में ताबड़तोड़ एक्शन हो रहे हैं. इसी बीच प्रयागराज में खान सर के कोचिंग सेंटर पर भी ताला लटक गया है. 100 से ज्यादा केंद्र सील कर दिए गए हैं. इसके साथ ही पूरे राज्य में कोचिंग संस्थानों की जांच को लेकर महाअभियान शुरू कर दिया गया है.
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लखनऊ में हुए दुखद हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर सभी जनपदों में कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण का महाअभियान शुरू कर दिया गया. पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग, प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने संयुक्त टीमें बनाकर कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी का निरीक्षण किया. लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, आगरा आदि महानगरों के साथ अन्य जनपदों में भी यह कार्रवाई की गई. इसी कड़ी में प्रयागराज सहित उत्तर प्रदेश के 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों को सुरक्षा कराणों से सील कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक अनियमितताएं मिलने पर ये कार्रवाई 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों के खिलाफ की गई है. यह कार्रवाई अभी और आगे भी जारी रहेगी.
खान सर के कोचिंग सेंटर पर लटका ताला
इसी सिलसिले में प्रयागराज में खान सर के कोचिंग सेंटर पर भी ताला लग गया है. फायर सेफ्टी विभाग की जांच में कथित तौर पर कई गंभीर खामियां मिली हैं, जिसके बाद खान सर के सेंटर में ताला लग गया है. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आपको बता दें कि प्रयागराज के मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा के मुताबिक नगर के 97 रजिस्टर्ड सेंटरों में से सिर्फ 15 सेंटरों ने ही एनओसी ली है. फायर विभाग ने जांच के लिए 10 टीमों का गठन किया है. इस दौरान प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने सिविल लाइंस स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग को सील कर दिया.
CM योगी निर्देश के बाद पूरे यूपी में ताबड़तोड़ एक्शन!
लखनऊ में हुई दुःखद घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सभी जिलों में जांच के सख्त निर्देश दिए थे. कुछ जिलों में देर शाम में ही जांच कार्रवाई शुरू कर दी गई थी. मंगलवार को यह अभियान और तेज रहा. उन कोचिंग संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई जो गैर पंजीकृत थे. टीमों ने विशेष तौर पर अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास, भवन की संरचना तथा अन्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की. जांच का क्रम देर रात तक जारी था.
प्रयागराज के मुख्य अग्नि शमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि नगर में 97 पंजीकृत संस्थानों में केवल 15 कोचिंग संस्थानों ने से एनओसी ली है. फायर विभाग ने दस टीमों का गठन किया है, जो लगातार जांच करेंगीं. इसी क्रम में प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने सिविल लाइंस स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग को सील कर दिया.
कानपुर में पार्किंग को बना दिया बच्चों का क्लासरूम, फायर NOC भी वैध नहीं, हुआ एक्शन!
कानपुर विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते और अग्निशमन अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में मानकों के अनुपालन की जांच का काम सोमवार शाम से ही शुरू कर दिया था. मंगलवार शाम तक यहां के सबसे बड़े शैक्षणिक हब काकादेव में 30 से अधिक संस्थानों को सील कर दिया गया. इन सभी को सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का दोषी पाया गया. सबसे गंभीर उल्लंघन भवनों के बेसमेंट में पाया गया, जिनका आवंटन सिर्फ पार्किंग के लिए था, लेकिन वहां अवैध रूप से सैकड़ों बच्चों के बैठने के लिए क्लासरूम बना दिए गए थे. मीरजापुर में भी लगभग एक दर्जन संस्थान सील किए गए.
वाराणसी में भी मिली अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी, जौनपुर और चंदौली में भी जांच
वाराणसी विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने बनारस में भी सोमवार से ही कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों की जांच शुरू कर दी. इस दौरान कई संस्थानों को सील किया गया है. कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का उल्लंघन पाया गया है. जौनपुर और चंदौली में जांच की जा रही है. वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि कई कोचिंग सेंटर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं निर्धारित भवन मानकों के विपरीत संचालित किए जा रहे थे, उन्हें सील किया गया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण देने के लिए लगातार कदम उठा रही है. इसी क्रम में प्रदेशभर में संचालित कोचिंग संस्थानों के विनियमन को प्रभावी बनाने तथा अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों के विरुद्ध विशेष अभियान तेजी के साथ चलाया जा रहा है.
#WATCH | Prayagraj, Uttar Pradesh | Several coaching institutes sealed and notices have been issued after inspection, following the Lucknow fire incident. (23.06) pic.twitter.com/7jXXqo91KP
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 24, 2026Advertisement
सभी जिलों में संचालित कोचिंग सेंटर्स की सूची हो रही तैयार!
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश है कि वे अपने जनपदों में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वेक्षण कर सूची तैयार करें. जो संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. पंजीकृत संस्थानों का भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप निरीक्षण कराया जा रहा है. इसमें भवन व्यवस्था, अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच शामिल है. किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है. विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित सर्वोपरि हैं. सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश में संचालित प्रत्येक कोचिंग संस्थान निर्धारित मानकों का पालन करे.
बच्चों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार गंभीर
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वसनीय शैक्षिक वातावरण तैयार किया जा रहा है. शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित शिक्षण वातावरण मिले और कोचिंग संस्थानों में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो.
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इस संबंध में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव द्वारा पत्र भी जारी किया गया. अब जिलाधिकारियों द्वारा अपने जनपदों में अभियान चलाकर बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों की पहचान और अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ ही पंजीकृत संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण भी कराया जा रहा है.