पश्चिम बंगाल में चुनावी बवाल, स्ट्रॉन्ग रूम के पास धरने पर बैठी ममता और TMC नेता
West Bengal: चुनाव नतीजों से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC ) के विरोध प्रदर्शन ने राज्य में एक नई सियासी हलचल पैदा कर दी है. खासकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रकिया में गड़बड़ी की कोशिशे हो रही हैं.
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West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान समाप्त होने के बाद और एग्जिट पोल के नतीजों के आने के साथ ही राजनितिक माहौल बेहद गर्म हो गया है. चुनाव नतीजों से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC ) के विरोध प्रदर्शन ने राज्य में एक नई सियासी हलचल पैदा कर दी है. खासकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रकिया में गड़बड़ी की कोशिशे हो रही हैं.
TMC का धरना और आरोप
टीएमसी के नेता शशि पांजा और कुणाल घोष नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर स्ट्रॉन्ग रूम के पास धरने पर बैठ गए. इन नेताओं का आरोप है कि मतपेटियों को खोलने की कोशिश की जा रही है, जबकि पार्टी के प्रतिनिधि वहां मौजूद नहीं हैं., इनका दावा है कि यह सब भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से हो रहा है. टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर पारदर्शिता का उल्लंघन हो रहा है, और मतगणना प्रक्रिया में धोखाधड़ी की कोशिश की जा रही है.
ममता बनर्जी का स्ट्रॉन्ग रूम पर हमला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भी इस मुद्दे पर पूरी तरह से सक्रिय दिखीं. वह दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंचीं, जो भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का मतगणना केंद्र है. यहां पर ईवीएम को सुरक्षित रखने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम बनाया गया था. ममता ने आरोप लगाया कि ईवीएम में छेड़छाड़ हो सकती है और चुनाव आयोग इसकी पूरी तरह से निगरानी नहीं कर रहा है. बारिश की परवाह किए बिना ममता बनर्जी स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर पहुंची और वहां मौजूद स्थिति का जायजा लिया.
इसके बाद टीएमसी के महापौर फिरहाद हाकिम भी स्ट्रॉन्ग रूम के पास पहुंचे, लेकिन ममता के साथ मुलाकात नहीं हो पाई क्योंकि ममता पहले ही अंदर जा चुकी थीं. फिरहाद हाकिम ने कहा कि वह भी स्थिति की जानकारी लेना चाहते थे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई.
टीएमसी नेताओं के बयान
कुणाल घोष ने कहा कि चुनाव आयोग के सीसीटीवी कैमरे और लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से यह देखा जा सकता है कि अंदर कुछ लोग काम कर रहे हैं, लेकिन टीएमसी का कोई भी प्रतिनिधि वहां मौजूद नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की ओर से उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है, और इस कारण उनका मनोबल टूट रहा है., शशि पांजा ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि इस समय सबसे जरूरी बात यह है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी हो और कोई गड़बड़ी न हो.
एग्जिट पोल पर ममता का हमला
चुनाव नतीजों से ठीक पहले ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि ये एग्जिट पोल भाजपा के इशारे पर दिखाए जा रहे हैं ताकि टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ा जा सके. ममता ने दावा किया कि उनकी पार्टी विधानसभा में 226 सीटें जीतने में सफल होगी, और शायद 230 सीटों का आंकड़ा भी पार कर सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि एग्जिट पोल के आंकड़े भाजपा कार्यालय से प्रसारित किए गए थे, और इसे दिखाने के लिए पैसे दिए गए थे. ममता ने यह भी कहा कि यह जानकारी उनके पास पुख्ता है और उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी को उजागर करने का वादा किया.
केंद्रीय बलों पर ममता का आरोप
ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाया कि मतदान के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे थे. उनका कहना था कि अमित शाह के निर्देश पर केंद्रीय बलों ने पूरे राज्य में भाजपा के लिए काम किया और चुनावी प्रक्रिया में दखल दिया. ममता ने इसे पूरी तरह से अनुशासनहीनता करार दिया और कहा कि इस कारण चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकते.
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टीएमसी नेताओं के विरोध प्रदर्शन के कारण नेताजी इंडोर स्टेडियम के पास स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. फिलहाल, सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात किया गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे. हालांकि, इस मामले पर चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है..
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