Advertisement

Loading Ad...

जैन महोत्सव में CM योगी का बड़ा संदेश, बोले- गोमाता सुरक्षित तो संस्कृति सुरक्षित

सीएम योगी ने कहा कि धऱती के राजा सबका संरक्षण, लालन-पालन और अनुशासन की प्रेरणा देते हैं. ‘जियो और जीने दो’ का मंत्र वही दे सकता है, जो आत्म अनुशासन से बंधा हो. नकारात्मक ताकतें आत्म अनुशासन में नहीं रह सकतीं. जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं है, वह दूसरों पर कैसे शासन कर सकता है?

Image Credits: @myogiadityanath
Loading Ad...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित भगवान मुनि सुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए. सीएम ने यहां ऋषभदेव जन्मभूमि द्वार एव 101 भगवान जिनमंदिर का लोकार्पण किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अयोध्या का गौरवशाली इतिहास है. अयोध्या के राजा ज्ञान परंपरा व गोमाता, दोनों की रक्षा करते हैं. सीएम ने आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया कि उन्हें गोरक्षा के लिए कुछ जरूर करना चाहिए. भारत में हर परिवार का संस्कार रहा है कि पहला ग्रास गोमाता और अंतिम ग्रास श्वान के लिए होगा. शाम को घर में दीपक जलाने पर चींटियों को आटा-चीनी देते हैं. जीव मात्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना भी ‘जियो और जीने दो’ की प्रेरणा है. 

हर जैन परिवार कम से कम एक गाय का खर्च अवश्य उठाए 
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाय दैवीय विभूति है. सबको उसकी रक्षा, संरक्षण, संवर्धन के लिए प्रयास करना चाहिए. उन्होंने जैन परिवारों से अनुरोध किया कि संभव हो तो गोशाला को गोद लें या कुछ गायों के लिए वार्षिक सहयोग कीजिए अन्यथा साल में कम से कम एक गाय का खर्च जरूर उठाइए. दो-तीन बार गोशाला जाकर गोमाता के स्वास्थ्य को भी देखिए. गोमाता स्वस्थ रहेगी तो भारतीय संस्कृति, जैन धर्म व वैदिक सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा. एक की सुरक्षा दूसरे की सुरक्षा में निहित है. मंजिल तक पहुंचने के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन परंपरा एक है. 

भारत की सुरक्षा व संप्रभुता में योगदान देने वाले अभियानों से जुड़ें
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि तीर्थों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए स्वच्छता, पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण समेत हर उस अभियान का हिस्सा बनिए, जिसका भारत की सुरक्षा व संप्रभुता में योगदान हो. पीएम मोदी भी नागरिकों से कर्तव्यबोध की बात करते हैं. देश-समाज के लिए हमारा कर्तव्य क्या है, इसका ध्यान रखेंगे तो भारत व भारतीयता शाश्वत रहेगी. सीएम ने विश्वास जताया कि समाज को सद्वृत्ति की ओर अग्रसर करने में जैन समाज सहायक होगा.

Loading Ad...

धरती का राजा होता था अयोध्या का राजा 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिनाथ से चली यह परंपरा कहीं और की नहीं है. प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान ऋषभदेव ही हैं. अयोध्या भगवान ऋषभदेव की पावन भूमि भी है. वह धरती के पहले राजा हैं. अयोध्या का राजा धरती का राजा होता था. सीएम ने रामायण में भगवान राम व बालि के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि बालि उनसे कहता है कि तुमने मुझे धोखे से मारा है. मेरे राज्य पर तुम्हारा क्या अधिकार था, तब भगवान राम कहते हैं कि तुम्हारा कर्म ही तुम्हारी अधोगति का कारण बना है. सागर, वन से आच्छादित संपूर्ण धरा अयोध्या के राजाओं की है. भगवान ऋषभदेव के पुत्र भगवान जड़ भरत हैं, जिनके नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा.

Loading Ad...

उत्तर प्रदेश की धरती पर सर्वाधिक तीर्थंकरों का प्रकटीकरण
सीएम ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि 24 में से सर्वाधिक तीर्थंकर इस धऱती पर हुए. उसमें से पांच (पहले तीर्थंकर-भगवान ऋषभदेव, दूसरे-भगवान अजितनाथ, चौथे तीर्थंकर भगवान अभिनंदननाथ, पांचवें तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ और 14वें भगवान अनंतनाथ) का प्रकटीकरण अयोध्या में ही हुआ. काशी में चार, श्रावस्ती में एक, हस्तिनापुर में भी तीर्थंकरों की लंबी परंपरा है. कुशीनगर में 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर ने अंतिम उपदेश देकर उस धरती को पवित्र नगरी के रूप में आशीर्वाद दिया था. बीच के कालखंड में लोगों ने उसे फाजिलनगर कर दिया था, अभी हाल में ही मैंने कहा कि वह पावागढ़ है, उसका नाम वही होगा.

जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं, वह दूसरों पर कैसे शासन कर सकता है
सीएम योगी ने कहा कि धऱती के राजा सबका संरक्षण, लालन-पालन और अनुशासन की प्रेरणा देते हैं. ‘जियो और जीने दो’ का मंत्र वही दे सकता है, जो आत्म अनुशासन से बंधा हो. नकारात्मक ताकतें आत्म अनुशासन में नहीं रह सकतीं. जिसका स्वयं पर अनुशासन नहीं है, वह दूसरों पर कैसे शासन कर सकता है? इस पवित्र परंपरा ने दुनिया को यही प्रेरणा व संदेश दिया. इस संदेश पर चलकर हम सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि जीव और दुनिया के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त कर सकते हैं. जैन तीर्थंकरों ने साधना व वाणी से विश्व मानवता को विश्व कल्याण की प्रेरणा दी. 

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

कार्यक्रम में पीठाधीश्वर रविंद्र कीर्ति स्वामी ने अतिथियों का स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने रविंद्र कीर्ति स्वामी को पुष्पगुच्छ देकर जन्मदिवस की बधाई दी. इस अवसर पर जैन साध्वी गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता जी, चंदनामती माता जी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, पुष्पदंत जैन, अमरचंद जैन, कैलाश चंद जैन आदि मौजूद रहे.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...