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विश्व पर्यावरण दिवस से पहले सीएम योगी का संदेश, बोले- हर जन्मदिन पर एक पौधा जरूर लगाएं

सीएम योगी ने प्रदेश के युवाओं से आह्वान करते हुए कहा, "वे (युवा) जल संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और नदियों के संरक्षण का सशक्त आधार बनें. युवा ऊर्जा और सहभागिता ही हरित व समृद्ध उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति है. प्यारे बच्चों, आपसे भी एक बात कहना चाहूंगा. हर वर्ष अपने जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें."

Image Credits: IANS/Deepak Kumar
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विश्व पर्यावरण दिवस से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में वृक्ष केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि देवत्व, जीवन, ज्ञान, स्वास्थ्य और लोककल्याण के जीवंत प्रतीक हैं. सीएम योगी ने अपील करते हुए कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी प्रकृति के संरक्षण, जलस्रोतों के संवर्धन और वृक्षों की रक्षा का संकल्प लें.

युवाओं और बच्चों से सीएम योगी की बड़ी अपील

प्रदेशवासियों के नाम संदेश में मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "सनातन संस्कृति में वृक्षों, पहाड़ों, नदियों और प्राणियों की पूजा की परंपरा रही है. वेदों में प्रकृति की पूजा को साक्षात ईश्वर की उपासना माना गया है. प्रकृति के विभिन्न तत्वों यथा अग्नि, वायु, जल और पृथ्वी को देव स्वरूप माना गया है. 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस का अवसर वार्षिक औपचारिकता न होकर प्रकृति के प्रति हमारी साझी कृतज्ञता का ज्ञापन होना चाहिए."

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 'वृक्ष और जल संरक्षण का लें संकल्प'

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर किए संदेश में उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में वर्णित तीन ऋणों, देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण में देव ऋण का सीधा संबंध प्रकृति से है. जल, वन, भूमि और समस्त सृष्टि का संरक्षण ही इस ऋण से उऋण होने का मार्ग है. हमारी संस्कृति में वृक्ष केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि देवत्व, जीवन, ज्ञान, स्वास्थ्य और लोक कल्याण के जीवंत प्रतीक हैं. कुछ दिन पूर्व ही लाखों माताओं और बहनों ने वट सावित्री व्रत रखा था. यह प्रकृति से हमारी संस्कृति के प्रगाढ़ संबंधों को दर्शाता है. छठ और महाकुम्भ जैसे महापर्व इसी अमूर्त आस्था के प्रतीक हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वृक्ष, जल संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन का संकल्प पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है. 'जल है तो हम हैं'- यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन का सार है. पारिस्थितिकी के प्रति हमारी संवेदनशीलता का ही प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में शेखा झील पक्षी अभयारण्य को मिलाकर रामसर स्थलों की संख्या 12 हो गई है. प्रदेश सरकार की नदियों के पुनरुद्धार की 'एक जनपद एक नदी योजना' की सफलता दर्शाती है कि यदि समाज और शासन मिलकर प्रयास करें, तो प्रकृति को संरक्षित किया जा सकता है.

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“हर वर्ष अपने जन्मदिन एक पौधा अवश्य लगाएं”

सीएम योगी ने प्रदेश के युवाओं से आह्वान करते हुए कहा, "वे (युवा) जल संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और नदियों के संरक्षण का सशक्त आधार बनें. युवा ऊर्जा और सहभागिता ही हरित व समृद्ध उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति है. प्यारे बच्चों, आपसे भी एक बात कहना चाहूंगा. हर वर्ष अपने जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें."

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उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी प्रकृति के संरक्षण, जलस्रोतों के संवर्धन और वृक्षों की रक्षा का संकल्प लें. सुरक्षित, स्वच्छ और समृद्ध पर्यावरण ही विकसित प्रदेश का आधार है.

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