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CM योगी का बड़ा कदम, 28 लाख छात्रों को मिलेगी 3,350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति, DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर
UP Student Scholarship: सोमवार को लखनऊ में आयोजित वंचित एवं कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति का अंतरण कार्यक्रम में हुआ यह कार्य अपने आप में एक रिकॉर्ड है, जिसमें 3350 करोड़ रुपये की धनराशि के माध्यम से वंचित और कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने की ताकत दी गई है.
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CM Yogi: उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 28 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ प्रदान किया. सोमवार को लखनऊ में आयोजित वंचित एवं कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति का अंतरण कार्यक्रम में हुआ यह कार्य अपने आप में एक रिकॉर्ड है, जिसमें 3350 करोड़ रुपये की धनराशि के माध्यम से वंचित और कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने की ताकत दी गई है. कार्यक्रम के दौरान न केवल योजनाओं की उपलब्धियां सामने आईं, बल्कि उन विद्यार्थियों की आंखों में भविष्य के सपनों की चमक भी साफ दिखाई दी, जिन्हें इस सहायता ने नई दिशा दी है. इस तरह, यह पूरी पहल न केवल आर्थिक सहायता का उदाहरण है, बल्कि शिक्षा के माध्यम से सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में एक व्यापक प्रयास के रूप में भी सामने आती है, जहां आंकड़ों के साथ-साथ छात्रों के चेहरों पर दिखती उम्मीद इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि बनकर उभरती है. वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 67 लाख विद्यार्थियों को करीब 4800 करोड़ रुपये बतौर छात्रवृत्ति दिए जा चुके हैं.
शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर छात्र-छात्राओं के खातों में जैसे ही छात्रवृत्ति जारी की, वैसे ही सारा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. कार्यक्रम में दीपेंद्र कुमार, नेहा सिंह, वैभवकर पाठक, सुजीत, दिव्यांशी, निहाल फातिमा, परिधि पांडेय और मोनिका को छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए. मुख्यमंत्री के साथ मंच पर फोटो खिंचवाते हुए इन विद्यार्थियों के चेहरे पर गर्व और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था. वहीं, कार्यक्रम में राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लाभार्थियों को भी सम्मान राशि का भुगतान किया गया. मुख्यमंत्री योगी द्वारा दीपमाला, अर्चना, शालिनी वर्मा, सर्वेश्वति को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लाभार्थियों को भुगतान प्रमाण पत्र प्रदान किया गया.
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समय पर छात्रवृत्ति - छात्रों को बड़ी राहत
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कार्यक्रम में इस बात को लेकर संदेश गया कि कैसे प्रदेश में अब छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को और व्यवस्थित किया गया है. जो छात्रवृत्ति पहले सत्र के अंत में मिलती थी, वह अब 2 अक्टूबर से ही जारी होनी शुरू हो गई है. उल्लेखनीय है कि अगले वर्ष से छात्रवृत्ति को सेमेस्टर आधारित करने की तैयारी है, ताकि छात्रों को फीस जमा करने के समय ही आर्थिक सहायता मिल सके. कोर्स के अनुरूप छात्र कार्ड बनाने की भी योजना है, जिससे प्रत्येक सेमेस्टर के अनुसार छात्रवृत्ति का प्रावधान सुनिश्चित किया जाएगा.
तकनीकी सुधार और पारदर्शिता पर जोर
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जिन छात्रों को बैंक खाते की तकनीकी दिक्कत के कारण छात्रवृत्ति नहीं मिल पाती थी, उन्हें भी छात्रवृत्ति का लाभ मिले, यह सुनिश्चित किया जा रहा है. इस वर्ष बैंक खाते संबंधी किसी तकनीकी कारण की वजह से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं को अब अगले वित्तीय वर्ष में यह लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
प्रतिभाओं को मिल रही उड़ान
यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत 43 विद्यार्थियों का पीसीएस में चयन हुआ है. वहीं भागीदारी कोचिंग से पहली बार एक छात्र आईएएस मेन्स तक पहुंचा है. यह उपलब्धियां दर्शाती हैं कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम दे रही हैं.
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पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग के लिए बड़ा संबल
प्रदेश में पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए भी बड़े पैमाने पर कार्य हुआ है. जनवरी 2026 तक 20 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी गई, जबकि 30 मार्च को 13.52 लाख से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया गया. इस तरह, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के माध्यम से वित्त वर्ष में 33 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लगभग 2700 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई. वहीं, पहली बार 100 प्रतिशत पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति देने में सफलता हासिल की गई है.
बुनियादी ढांचे में भी बड़ा निवेश
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अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 218 इंटर कॉलेज भवन, 74 आईटीआई भवन और 18 डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए हैं. इसके साथ ही बरेली में यूनानी मेडिकल कॉलेज और 20 कॉमन सर्विस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं.