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CM सैनी का फैसला सरकारी स्कूलों के लाया खुशखबरी! SMC को 10 लाख का पुरस्कार, नए पोर्टल से होगी हर स्कूल की रैंकिंग
हरियाणा सरकार ने बेहतर कार्य करने वाली प्रत्येक खंड की विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) को 10 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी स्कूलों की राज्य स्तरीय बैठक के दौरान यह ऐलान किया.
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हरियाणा की नायब सिंह सैनी की सरकार ने सूबे के प्रत्येक खंड में बेहतर काम करने वाले विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) को लेकर बड़ा ऐलान किया है. सरकार अब ऐसी समितियों को 10 लाख रुपये का इनाम देगी. जो धनराशि स्कूल के विकास कार्यों में ख़र्च किया जाएगा. सूबे के मुखिया नायब सिंह सैनी ने यह ऐलान रविवार को सरकारी स्कूलों की विद्यालय प्रबंधन समितियों के साथ राज्य स्तरीय बातचीत के दौरान किया.
मुख्यमंत्री सैनी ने इस अवसर एक पोर्टल भी लॉन्च किया है. जो सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन करेगी. इसके साथ ही पोर्टल के ज़रिए विद्यालय प्रबंधन समितियों के कामकाज का हिसाब-किताब भी होगा. और बेहतर समितियों की पहचान की जाएगी.
प्रबंधन समितियों के बढ़ेंगे अधिकार
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सरकार ने विद्यालय प्रबंधन समितियों (VMC/SMC) को पहले की तुलना में अधिक वित्तीय अधिकार प्रदान किए हैं. नई व्यवस्था के तहत समितियां स्कूलों में पेयजल टैंक की मरम्मत, शौचालयों के रखरखाव, चहारदीवारी की मरम्मत तथा अन्य आवश्यक छोटे विकास कार्यों पर बिना किसी अतिरिक्त अनुमति के एक लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगी. वहीं, यदि किसी बड़े निर्माण या विकास कार्य की जरूरत होगी, तो अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) की मंजूरी मिलने के बाद 25 लाख रुपये तक की राशि खर्च करने का प्रावधान किया गया है.
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बुनियादी सुविधाओं पर की बात
सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रत्येक जिले के एक सरकारी विद्यालय की विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों से सीधे बातचीत की. इस दौरान उन्होंने स्कूलों में साफ-सफाई की व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, शौचालयों की स्थिति, खेल सुविधाओं, छात्र संख्या और बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की समीक्षा की. इसके अलावा सुपर-100 और बुनियाद जैसी शैक्षणिक योजनाओं की प्रगति, आईआईटी एवं आईआईएम में विद्यार्थियों के चयन, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर खेलों में मिली उपलब्धियों, अभिभावक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) तथा विद्यालय प्रबंधन समिति की नियमित बैठकों की जानकारी भी प्राप्त की. मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी स्कूलों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाने और विद्यार्थियों को 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया. साथ ही संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.
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बताते चलें कि शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समितियों की भूमिका सिर्फ निगरानी करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए. उन्होंने समितियों से स्कूल प्रमुखों के साथ समन्वय बनाकर विद्यालयों की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया. उन्होंने सरकारी स्कूलों के इस वर्ष बेहतर रहे बोर्ड परीक्षा परिणामों पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन समितियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके संयुक्त प्रयासों की सराहना की.