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बद्रीनाथ धाम मंदिर में अनियमितता मामले को लेकर एक्शन में CM धामी! SIT ने सौंपी जांच रिपोर्ट, चढ़ावा चोरी पर बड़ा खुलासा
उत्तराखंड श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक SIT की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद धामी सरकार सख्त कार्रवाई के मूड में दिखाई दे रही है. मुख्यमंत्री ने दो टूक कह रखा है कि भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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उत्तराखंड के मंदिरों, चार धाम में भक्तों की आस्था और विश्वास बहाली के प्रयासों के तहत धामी सरकार सख्त एक्शन लेने जा रही है. प्रदेश के मंदिरों में आने वाले दान की गिनती और इस्तेमाल में पारदर्शिता लाने के सीएम धामी के वादे के बीच एक बद्रीनाथ धाम मंदिर को लेकर बड़ी ख़बर सामने आ रही है.
दो जुलाई को श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर में नगद चढ़ावा गिनती के दौरान कथित हेराफेरी के मामले में गठित विभागीय जांच टीम ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सीईओ को सौंप दी है. जांच में आरोपी ने एक नहीं बल्कि कई बार चढ़ावे की चोरी की है. सूत्रों की मानें तो चार सदस्यीय जांच टीम ने 18 पन्नों की रिपोर्ट में विस्तार से पूरी घटना और अपनी जांच का ब्योरा दिया है.
श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर में चढ़ावा चोरी का दावा
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एसआईटी की जांच रिपोर्ट में ऐसी घटना न हो इसके लिए सुझाव भी दिए हैं. जांच रिपोर्ट में कमेटी ने बहुत कुछ साफ किया है. साथ ही मंदिर के दान गिनती कक्ष में और सीसीटीवी बढ़ाने, मंदिर के परिक्रमा पथ के सभी ब्लाइंड स्पॉट को सीसीटीवी से लैस करने की बात कही.
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श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर को लेकर सामने आई SIT रिपोर्ट
सूत्रों की मानें तो जांच टीम को घटना के दिन, 2 जुलाई, से मात्र 14 दिन पहले तक के ही फुटेज मिल पाए हैं. पूर्व में लगे सीसीटीवी कैमरे से अधिक अच्छी क्वालिटी के न होने के कारण इनकी स्टोरेज क्षमता मात्र 15 दिनों की ही है. 2 जुलाई को कथित आरोपी पैसों में हेराफेरी करते हुए दिखाई दे रहा है. 14 दिन पूर्व के कुछ फुटेज के कई भाग भी जांच टीम को महत्वपूर्ण लगे हैं.
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क्या है श्री बद्रीनाथ धाम मंदिर को लेकर पूरा मामला?
मालूम हो कि इस पूरे मामले में धामी सरकार के एक्शन के बीच श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने 7 जुलाई को अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से बड़ी कार्रवाई की थी. अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था. समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पहले ही चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था.
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बीकेटीसी ने जो आदेश जारी किया था उसके अनुसार, प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे. इसके बाद 3 जुलाई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था. समिति ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए चार-सदस्यीय जांच समिति गठित की थी. जांच के दौरान प्राप्त स्पष्टीकरण और समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट का परीक्षण किया गया, जिसमें लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए.