मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान: यूपी पुलिस में करीब 1 लाख भर्तियां, युवाओं को मिला सुनहरा अवसर
सीएम योगी ने दूरसंचार पुलिस बल में नवचयनित 936 अभ्यर्थियों से कहा कि अब संचार यूनिट को और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी. अगले 8 महीने की आपकी ट्रेनिंग महत्वपूर्ण होगी. सीएम ने युवाओं व पुलिस कार्मिकों को फिट रहने का मंत्र दिया और कहा कि फिजिकली फिट रहेंगे तो मेंटली भी फिट होंगे और तभी ईमानदारी से देश व समाज को सेवा दे पाएंगे.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी. उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि योग्य, क्षमतावान, स्वत: स्फूर्त भाव के साथ नौजवान यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनना चाहता है और इसके लिए भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड युवाओं को अच्छा अवसर उपलब्ध कराएगा.
उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्ती करने जा रहा है. पिछले तीन दिन में यूपी होमगार्ड में भी 41 हजार भर्ती के लिए परीक्षा हुई. सिविल पुलिस, एसआई, होमगार्ड आदि की भर्ती प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है.
936 चयनित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरित किए. कार्यक्रम में पुलिस दूरसंचार विभाग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई.
नए उत्तर प्रदेश में आज ऐसा पारदर्शी वातावरण तैयार किया गया है कि यदि व्यक्ति में क्षमताएं हैं तो कोई उसको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 28, 2026
इसी शृंखला में आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत @Uppolice दूरसंचार विभाग… pic.twitter.com/94yuLrTG2y
“अब योग्यता ही पहचान है” – सीएम योगी
सीएम योगी ने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि सभी चाहते थे कि ईमानदारी से भर्ती हो. डबल इंजन सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है कि भर्ती निष्पक्ष व ईमानदारी से हुई. अब आपका भी दायित्व है कि साफ नीयत, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ यूपी पुलिस के माध्यम से सेवा देकर राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें. हर भारतीय नागरिक जब अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी. किसी व्यक्ति, जाति, मत-मजहब का अहंकार या व्यक्तिगत इच्छा राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकती.
उन्होंने कहा कि जिस निष्पक्षता से पुलिस भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई, वह 9 वर्ष पहले संभव नहीं थी. पहले प्रक्रिया ही सकुशल संपन्न नहीं होती थी. लेनदेन, नियुक्ति में भेदभाव होता था, परंतु अब पूरी प्रक्रिया में किसी को भी सिफारिश व पैसा नहीं देना पड़ता है. सिर्फ योग्यता, क्षमता व आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न होती है. प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है कि यदि क्षमता है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता. अब आपको भी शुद्ध नीयत के साथ कार्य करना है. कभी बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश सामूहिक प्रयास की बदौलत अब भारत के विकास में योगदान दे रहा है.
60 हजार आरक्षियों की एक साथ ट्रेनिंग
सीएम योगी ने कहा कि परसों (रविवार) ही प्रदेश के 112 केंद्रों पर पुलिस के 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, यानी एक साथ 60 हजार आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने, जो अब फील्ड में मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे. 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती संपन्न हुई है, जबकि देश के कई राज्यों में पुलिस की कुल इतनी स्ट्रेंथ भी नहीं है. सीएम ने नवचयनितों से कहा कि आपको देश की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और दूरसंचार शाखा के जरिए 25 करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पहले संकट था कि कहां ट्रेनिंग होगी, लेकिन अब इस दृष्टि से जगह की कमी नहीं रही. 2017 के पहले एक बार में केवल 3 हजार पुलिस कार्मिकों की ही ट्रेनिंग करा सकते थे, लेकिन 2025 में एक साथ 60,244 पुलिस आरक्षियों की ट्रेनिंग यूपी के सेंटरों में हुई. इसके जरिए यूपी पुलिस ने दिखाया कि नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो परिणाम लाया जा सकता है. पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षी जनपदों में ड्यूटी के लिए निकल रहे हैं. अब इन ट्रेनिंग सेंटर्स पर आप लोगों का प्रशिक्षण शुरू होगा.
सीएम योगी ने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनाया है. उसी का परिणाम है कि जब भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स मीट होती है तो यूपी पुलिस अधिक मेडल प्राप्त करती है. देश-दुनिया में उसके मेडल की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा होती है. इसके जरिए फोर्स अपनी क्षमता को भी प्रदर्शित करती है.
पुलिस ढांचे में बड़ा बदलाव
उन्होंने कहा कि पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है. 2017 में 10 जनपदों में पुलिस लाइन ही नहीं थी. कई थानों के खुद के भवन नहीं थे. पुलिस की सामान्य सुविधाओं, बैरक आदि का अभाव था. आज 55 जनपदों में हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस के जवानों के बैरक व आवासीय सुविधाएं हैं. मॉडल थाने, नए फायर स्टेशन स्थापित हो रहे हैं. एसएसएफ, एसडीआरएफ, तीन नई महिला पीएसी बटालियनें गठित हुई हैं. तीन नए कानून जुलाई 2024 में लागू हुए हैं, लेकिन यूपी ने पहले ही तैयारी कर ली थी. यूपी का स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है. ए ग्रेड की 12 एफएसएल यूनिट कार्य कर रही है. छह निर्माणाधीन हैं. हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब कार्य कर रही हैं. सैंपल कलेक्ट करने के लिए निपुण टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं.
“कानून का राज ही विकास की गारंटी”
उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को नियुक्ति-पत्र वितरण हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में... https://t.co/wT0kq5Nv41
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 28, 2026Advertisement
सीएम योगी ने कहा कि पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ ही प्रदेश को सिर्फ माफिया-दंगा मुक्त प्रदेश ही नहीं बना रही है, बल्कि भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप में योगदान दे रही है. कानून का राज विकास की पहली गारंटी है. कानून का राज स्थापित होने से देश-दुनिया का निवेशक यूपी में आ रहा है. अब हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर लेते हैं.
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सीएम योगी ने दूरसंचार पुलिस बल में नवचयनित 936 अभ्यर्थियों से कहा कि अब संचार यूनिट को और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी. अगले 8 महीने की आपकी ट्रेनिंग महत्वपूर्ण होगी. सीएम ने युवाओं व पुलिस कार्मिकों को फिट रहने का मंत्र दिया और कहा कि फिजिकली फिट रहेंगे तो मेंटली भी फिट होंगे और तभी ईमानदारी से देश व समाज को सेवा दे पाएंगे.
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