चंपत राय-अनिल मिश्रा आरोपी नहीं... राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में 7 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल, जानें पूरी बात
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बुधवार को करीब 7 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल हुई. जांच में 173 लोगों के बयान दर्ज किए गए और CCTV में कथित चोरी की 105 घटनाएं सामने आईं. चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत कुछ लोगों को आरोपी के बजाय गवाह बनाया गया है.
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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में बुधवार को अदालत में करीब सात हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी गई. इस मामले की जांच के दौरान करीब 173 लोगों के बयान दर्ज किए गए और सीसीटीवी फुटेज में कथित चोरी की 105 घटनाओं की पहचान की गई.
चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी नहीं
मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया गया है. उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा गवाह के तौर पर सामने आए हैं. जानकारी के मुताबिक, मामले में चंपत राय के अलावा गोपाल राव, कृष्ण मोहन और अनिल मिश्रा को भी गवाह बनाया गया है और अब वे इस मामले में अपनी गवाही देंगे.
चार्जशीट को लेकर अदालत परिसर में हुआ विरोध
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत परिसर में विवाद भी देखने को मिला. स्थानीय वकीलों ने चार्जशीट को लेकर विरोध जताया और मांग की कि अदालत के संज्ञान लेने से पहले उनकी आपत्तियों को सुना जाए. रिपोर्ट के मुताबिक, वकील चंपत राय समेत ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों को आरोपी नहीं बनाए जाने को लेकर भी नाराज थे. बाद में जिला जज से बातचीत के बाद वकीलों ने काम फिर शुरू कर दिया. वकीलों की मांग थी कि वे सभी चार्जशीट देखना चाहते हैं और उन्हें दिखाया जाए.
सीसीटीवी फुटेज में 105 कथित घटनाओं की पहचान
जानकारी एक अनुसार, जांच में सीसीटीवी फुटेज का विस्तार से विश्लेषण किया गया. इसके आधार पर काउंटिंग रूम से कथित तौर पर नकदी निकालने या छिपाने की 105 घटनाओं की पहचान की गई. जांच में सीसीटीवी फुटेज के अलावा फॉरेंसिक ऑडिट, वित्तीय रिकॉर्ड, बरामदगी और गवाहों के बयानों को भी आधार बनाया गया है. चार्जशीट में 79.85 लाख रुपए नकद, कार और आभूषणों की बरामदगी का भी जिक्र है। जांच के दौरान 173 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं.
25 सितंबर से पहले दाखिल होनी थी चार्जशीट
इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि एसआईटी की जांच काफी हद तक पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर से पहले चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी. यह समयसीमा महत्वपूर्ण थी, क्योंकि 25 सितंबर को जांच के लिए निर्धारित 90 दिनों की अवधि पूरी हो रही थी.
आरोपियों पर लगी कुछ धाराएं हटाई गईं
चार्जशीट में सभी आठ आरोपियों के खिलाफ लगाई गई बीएनएस की धारा 305 और 306 को हटा दिया गया है. इसके अलावा सुभाष पर लगाई गई धारा 317(2) भी अब चार्जशीट में शामिल नहीं है. धाराओं में हुए इस बदलाव के बाद आरोपियों को नए सिरे से जमानत पत्र दाखिल करने का मौका मिल सकता है. कानूनी जानकारों के मुताबिक, धाराओं में यह बदलाव आरोपी पक्ष के लिए राहत की स्थिति पैदा कर सकता है.
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बताते चलें कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में 25 जून 2026 को रामजन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. इस एफआईआर में बीएनएस की धारा 305, 306, 3016(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)ए के तहत मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने इस मामले में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव टिन्नू को आरोपी बनाया था.