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संभल में मजार-इमामबाड़े पर चला बाबा का बुलडोजर, अवैध कब्जे पर बड़ा प्रहार
संभल के बिछोली गांव में प्रशासन ने बड़ी बुलडोज़र कार्रवाई की है अवैध ईदगाह और इमामबाड़े को मिट्टी में मिलाकर 7 बीघा ज़मीन खाली करवाई गई है .
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UP में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की साफ चेतावनी है, ‘सरकारी ज़मीन पर कब्जा होगा., तो बुलडोज़र हिसाब करेगा’ इसी को पूरा करते हुए हुए संभल में अवैध निर्माण पर एक बार फिर बुलडोजर गरजा. यहां सरकारी जमीन पर बने इमामबाड़ा और मजार पर बुलडोजर चला.
दरअसल संभल का बिछोली गांव उस समय छावनी में बदल गया जब एक साथ चार बुलडोजर अवैध निर्माण पर गरजे. इस दौरान कई थानों की पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर मौजूद रहा.
संभल में क्यों गरजा प्रशासन का बुलडोजर?
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ये पूरी कार्रवाई अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी पटकथा पिछले कई दिनों से प्रशासन की मेज पर लिखी जा रही थी, मामला जुड़ा था गाटा संख्या 1240 से, जो राजस्व रिकॉर्ड में 0.166 हेक्टेयर यानी करीब सात बीघा का रकबा है. ये जमीन किसी प्राइवेट व्यक्ति की नहीं, बल्कि 'खाद के गड्ढों' के लिए आरक्षित सरकारी जमीन थी, लेकिन दबंगों और भू-माफियाओं ने कानून को ठेंगे पर रखकर इस पर एक अवैध ईदगाह और इमामबाड़े का निर्माण करा दिया था.
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प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर किया गया यह निर्माण सालों से खड़ा था, लेकिन 18 जनवरी 2026 को कानून का हंटर चलना शुरू हुआ. लेखपाल स्पर्श गुप्ता ने जब तहसीलदार न्यायालय में धारा 67 के तहत वाद दायर किया, तो अवैध कब्जेदारों की चूलें हिल गईं.
प्रशासन ने इस पूरे मामले में नैचुरल जस्टिस का पालन किया. 31 जनवरी को बाकायदा सार्वजनिक नोटिस जारी हुआ, अखबारों में इश्तहार दिए गए ताकि अगर कोई भी व्यक्ति इस जमीन पर अपना मालिकाना हक रखता है, तो वो सबूतों के साथ सामने आए, लेकिन हकीकत ये थी कि कागजों में ये जमीन सरकारी थी, इसलिए दावेदारी करने की हिम्मत किसी की नहीं हुई. जब तय समय सीमा में कोई आपत्ति नहीं आई, तो अदालत ने बेदखली का आदेश पारित कर दिया.
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एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल के नेतृत्व में टीम जब मौके पर पहुंची, तो इलाके में तनाव साफ देखा गया. किसी भी अप्रिय घटना या विरोध से निपटने के लिए कई थानों की फोर्स तैनात थी. सन्नाटा ऐसा था कि सिर्फ बुलडोजर के इंजन की आवाज गूंज रही थी.
प्रशासन ने जैसे ही बुलडोजर चलाने का इशारा किया, पीला पंजा अवैध निर्माण पर काल बनकर टूट पड़ा, ईंट-गारे से बना वो अवैध ढांचा, जिसे सरकारी जमीन को कब्जाने के लिए ढाल बनाया गया था, वो मिनटों में मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि 'पर्याप्त समय दिया गया था, नोटिस दिए गए थे, लेकिन जब अवैध निर्माण खुद नहीं हटाया गया, तो प्रशासन को ये सख्त कदम उठाना पड़ा.’
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संभल में पिछले एक साल से चल रहे अवैध अतिक्रमण के ख़िलाफ़ ड्राइव' की ये सबसे बड़ी कार्रवाई है. इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने गांव की सीमाएं सील कर दी थीं ताकि बाहरी तत्व आकर माहौल खराब न कर सकें. 7 बीघा जमीन को मुक्त कराने के बाद अब प्रशासन वहां सरकारी बोर्ड लगाने की तैयारी में है. संभल के बिछोली गांव में प्रशासन ने बड़ी बुलडोज़र कार्रवाई की है अवैध ईदगाह और इमामबाड़े को मिट्टी में मिलाकर 7 बीघा ज़मीन खाली करवाई गई है .
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