BJP नेता मिथिलेश तिवारी का दावा, विपक्ष को डरा रहा नीतीश के बाद निशांत का चेहरा!
BJP leader Mithilesh Tiwar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीतिक एंट्री को लेकर चर्चाएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अटकलों का बाजार गर्म है कि इस विधानसभा चुनाव में प्रत्यक्ष तौर पर निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री हो जाएगी। इस बीच बिहार बीजेपी के महामंत्री मिथिलेश तिवारी ने निशांत कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है
13 Mar 2025
(
Updated:
11 Dec 2025
02:31 AM
)
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BJP leader Mithilesh Tiwar: देश की राजनीति में इन दिनों चुनावी राज्य बिहार की सबसे ज्यादा चर्चा है। इस साल के अंत तक बिहार में विधानसभा के चुनाव होने हैं इसको लेकर राजनीतिक दलों की तैयारी जोरो पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीतिक एंट्री को लेकर चर्चाएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अटकलों का बाजार गर्म है कि इस विधानसभा चुनाव में प्रत्यक्ष तौर पर निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री हो जाएगी। इस बीच बिहार बीजेपी के महामंत्री मिथिलेश तिवारी ने निशांत कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि "अगर निशांत राजनीति में आते हैं तो हम लोग को क्या एतराज हो सकता है? यह फैसला उनका और उनके पिताजी का होगा। मुख्यमंत्री नीतीश के बाद निशांत का चेहरा कई लोगों को डरा रहा है।"
बिहार में चढ़ेगा NDA का रंग: मिथिलेश तिवारी
मिथिलेश तिवारी बक्सर में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए। S मिथिलेश तिवारी ने कहा कि "इस होली में मोदी और नीतीश कुमार का रंग पूरे बिहार में चढ़ने वाला है। एनडीए के अलावा बिहार में कोई दूसरा रंग नहीं चढ़ेगा। इसी के साथ बिहार में तेजस्वी यादव का गेम ओवर होने वाला है।" इसके साथ मिथिलेश तिवारी ने गीत भी गाए "रंगवा मोदी के कमाल, बक्सर में होरिया मचत है।" बताते चले की बिहार में इस बार विधानसभा चुनाव से पहले यह होली का त्योहार अलग ही रंग बिखेर रहा है।
अत्याचार हमेशा हिंदुओं पर हुआ
वही होली के दिन जुम्मे की नमाज को लेकर मिथिलेश तिवारी ने कहा "होली साल में एक बार आती है और नमाज हर सप्ताह होती है। इसलिए कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। कुछ परहेज करना चाहिए। अत्याचार हमेशा हिंदुओं पर हुआ है,हिंदुओं ने कभी अत्याचार नहीं किया है।"
गौरतलब है कि बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की तरफ से भी तैयारी यह की जा रही है। यही वजह है कि बिहार में सियासी दलों ने अपनी सक्रियता को बढ़ाते हुए जनता के बीच जाकर अपने अपने वादों का ऐलान और प्रतिद्वंद्वी दलों के नेताओं पर तमाम आरोप लगाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे है।
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