जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

Deepotsav 2026: रामनगरी में दीपोत्सव का डबल धमाका, बाजारों में उमड़ी भीड़, छोटे दुकानदारों की हुई चांदी; कमाई तीन गुना बढ़ी

Deepotsav 2026: दीपोत्सव की तैयारियां देखने राम की पैड़ी और घाटों पर पहुंच रहे लोग चाय की चुस्की ले रहे हैं, समोसे का स्वाद चख रहे हैं और झालमुड़ी का आनंद उठा रहे हैं. इसका सीधा फायदा घाटों पर रेहड़ी लगाने वाले छोटे दुकानदारों को मिल रहा है.

Author
05 Nov 2026
( Updated: 05 Nov 2026
09:03 AM )
Deepotsav 2026: रामनगरी में दीपोत्सव का डबल धमाका, बाजारों में उमड़ी भीड़, छोटे दुकानदारों की हुई चांदी; कमाई तीन गुना बढ़ी
Image Source: UP Information Department
Advertisement

CM Yogi: रामनगरी में दीपोत्सव की रोशनी अभी पूरी तरह जगमगाने में दो दिन बाकी हैं, लेकिन इसकी चमक छोटे दुकानदारों की जेब तक पहुंचने लगी है.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नव्य, भव्य और दिव्य अयोध्या में आयोजित हो रहे दीपोत्सव ने स्थानीय कारोबार को नई ऊर्जा दी है. राम मंदिर निर्माण, व्यापक विकास कार्यों और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. दीपोत्सव की तैयारियां देखने राम की पैड़ी और घाटों पर पहुंच रहे लोग चाय की चुस्की ले रहे हैं, समोसे का स्वाद चख रहे हैं और झालमुड़ी का आनंद उठा रहे हैं. इसका सीधा फायदा घाटों पर रेहड़ी लगाने वाले छोटे दुकानदारों को मिल रहा है. सामान्य दिनों में 800 से 1000 रुपये प्रतिदिन कमाने वाले दुकानदारों की आमदनी इन दिनों 2800 से 3200 रुपये तक पहुंच गई है. यानी दीपोत्सव की तैयारियों ने उनकी रोजाना कमाई को करीब तीन गुना कर दिया है.

घाटों पर बढ़ी रौनक, छोटे कारोबारियों के चेहरे खिले

अयोध्या में इस बार 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने के लक्ष्य के साथ दीपोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं. राम की पैड़ी से लेकर आसपास के घाटों तक आयोजन की भव्यता देखने के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है. शाम होते ही घाटों पर बढ़ती भीड़ स्थानीय दुकानदारों के लिए कारोबार का अवसर बन रही है. परिवार के साथ घूमने आए लोग कुछ देर घाटों पर ठहरते हैं तो चाय, समोसा और झालमुड़ी की मांग भी बढ़ जाती है. दीपोत्सव के मुख्य आयोजन से पहले ही बिक्री में आए उछाल ने छोटे दुकानदारों को उत्साहित कर दिया है. सात नवंबर को श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है..

Advertisement

समोसे की बिक्री ने गोंडा के रोहित शुक्ला की कमाई को दी नई रफ्तार

गोंडा निवासी रोहित शुक्ला घाटों पर समोसा बेचते हैं. दीपोत्सव की तैयारियों के बीच उनके कारोबार में तेजी आई है... रोहित बताते हैं कि सामान्य दिनों में वह प्रतिदिन करीब 700 से 900 रुपये तक कमा पाते थे. पिछले एक-दो दिनों से उनकी कमाई बढ़कर 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गई है.. श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के कारण समोसों की बिक्री में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है. रोहित के लिए दीपोत्सव केवल एक बड़ा आयोजन नहीं, बल्कि रोजाना की कमाई बढ़ाने का अवसर भी बन गया है. उन्हें उम्मीद है कि मुख्य आयोजन के दौरान कारोबार और बेहतर होगा.

7 दिन, सात विषय और व्यवहार में बदलाव का संकल्प, योगी सरकार की पहल से परिषदीय विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण का पाठ

Advertisement

झालमुड़ी की बिक्री से रविन्द्र कुमार कनौजिया को मिल रहा लाभ

अयोध्या के रुदौली निवासी रविन्द्र कुमार कनौजिया घाटों पर झालमुड़ी बेचते हैं. दीपोत्सव की तैयारियों के बीच लोगों की बढ़ती आवाजाही से उनकी बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. रविन्द्र बताते हैं कि सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों झालमुड़ी की मांग काफी बढ़ गई है. उनकी प्रतिदिन की आमदनी भी दो से तीन गुना तक बढ़ रही है. घाटों पर घूमने आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक झालमुड़ी खरीद रहे हैं. दीपोत्सव के मुख्य आयोजन में भीड़ बढ़ने के साथ कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है.

चाय की चुस्की के साथ प्रेम कुमार भट्ट की आमदनी में भी मिठास

अयोध्या के सिकंदरपुर चौरी निवासी प्रेम कुमार भट्ट चाय बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं. दीपोत्सव की तैयारियों के बीच घाटों पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से उनके कारोबार में भी उछाल आया है. प्रेम कुमार बताते हैं कि सामान्य दिनों में वह प्रतिदिन करीब 700 से 800 रुपये कमाते थे, लेकिन इन दिनों उनकी आमदनी दो से तीन गुना तक बढ़ गई है. घाटों पर तैयारियां देखने पहुंच रहे लोगों के बीच चाय की मांग बढ़ने से उनकी बिक्री में इजाफा हुआ है. सात नवंबर को दीपोत्सव के मुख्य आयोजन के दौरान कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है.

रामनगरी के विकास से छोटे कारोबारियों तक पहुंच रही समृद्धि

Advertisement

यह भी पढ़ें

राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार और आधारभूत सुविधाओं का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है. दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजन इस बदलाव को और मजबूत कर रहे हैं. होटल, परिवहन, खानपान से लेकर घाटों पर रेहड़ी लगाने वाले छोटे कारोबारियों तक पर्यटकों की बढ़ती संख्या का लाभ पहुंच रहा है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें