भक्त इन नौ दिनों में व्रत रखते हैं, माता की आराधना करते हैं और घर-परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं. हर दिन मां के एक विशेष स्वरूप को समर्पित होता है और उस स्वरूप की अपनी अलग धार्मिक मान्यता है.
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धर्म ज्ञान08 Oct, 202604:53 PMशारदीय नवरात्रि 2026: किस दिन किस देवी की पूजा करें? जानें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का महत्व
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धर्म ज्ञान30 Sep, 202603:38 PMराजस्थान के कोटा से उत्तराखंड कैसे पहुंचीं मां कुटेटी देवी? बेहद रोचक है मंदिर की पौराणिक कहानी
पौराणिक कथा के अनुसार, कोटा के महाराजा गंगा यात्रा के दौरान उत्तरकाशी आए थे और उनका बैग खो गया था. उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रार्थना की कि बैग मिलने पर वे अपनी पुत्री का विवाह यहीं के किसी योग्य युवक से कर देंगे. बैग मिलने पर राजकुमारी का विवाह हुआ लेकिन कुलदेवी से दूर होने के कारण वह दुखी थीं. तब देवी ने स्वप्न में आकर खेतों में तीन सुगंधित पत्थरों के रूप में प्रकट होने का आशीर्वाद दिया और उसी स्थान पर इस मंदिर की स्थापना हुई थी.
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मनोरंजन30 Sep, 202610:52 AMरीति तिवारी की टीम ने एकम बावा के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- झूठे दावों के खिलाफ शुरू की कानूनी कार्रवाई
एकम खुद को रीति का एक्स-स्टेपफादर बताते हैं और उन्होंने रानी के साथ रिश्ते और शादी का दावा भी किया है. अब इन आरोपों पर रीति तिवारी की टीम ने अपना पक्ष रखा है.दरअसल, रीति तिवारी की टीम ने उनके इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक बयान जारी करते हुए एकम बावा के दावों को झूठा बताया और कहा कि उनके खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
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मनोरंजन22 Sep, 202604:41 PMरानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन, 75 साल की उम्र में ली आखिरी सांस, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन, 75 साल की उम्र में ली आखिरी सांस, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
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धर्म ज्ञान02 Sep, 202607:00 AM2 सितंबर का पंचांग: हलषष्ठी पर भगवान बलराम की पूजा करना फलदाई, जानें शुभ मुहूर्त से लेकर राहुकाल और दिशाशूल तक समय
इस दिन हलषष्ठी (हलषष्ठी/हरछठ) का व्रत है, इस दिन भगवान बलराम और हल (साथ ही सात प्रकार के अनाजों व पसई के चावल) की पूजा करना बहुत फलदायी होता है. यह व्रत मुख्य रूप से संतान की लंबी आयु और उनकी रक्षा के लिए माताएं रखती हैं.
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