दिवाली पर यूपी को दहलाने की धमकी... अयोध्या, काशी और मथुरा को लेकर आया खौफनाक ई-मेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
उत्तर प्रदेश में बम धमाकों की धमकी से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं. खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजे गए ई-मेल में अयोध्या, काशी और मथुरा को निशाना बनाने की बात कही गई है. अयोध्या और अंबेडकर नगर के स्कूलों के साथ वाराणसी के सरकारी संस्थानों को भी धमकी भरे मेल मिले हैं.
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उत्तर प्रदेश में दिवाली के त्योहार के बीच बम धमाकों की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजे गए एक ई-मेल में प्रदेश के तीन प्रमुख धार्मिक शहरों अयोध्या, काशी और मथुरा में धमाके करने की धमकी दी गई है. ई-मेल में 8 नवंबर से 27 नवंबर के बीच वारदात को अंजाम देने की बात कही गई है. साथ ही स्कूलों को चेतावनी दी गई है कि इस अवधि में बच्चों को स्कूल न भेजें.
कई स्कूलों और सरकारी संस्थानों को मिला धमकी भरा मेल
सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या में ICSE बोर्ड से संचालित एक स्कूल को यह धमकी भरा ई-मेल मिला है. इसके अलावा अंबेडकर नगर के दो स्कूलों को भी इसी तरह के संदेश भेजे गए हैं. मेल में बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए अभिभावकों को तय तारीखों के दौरान सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है. बुधवार दोपहर बाद भेजे गए ई-मेल के बाद वाराणसी में भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई. बताया गया है कि पुलिस आयुक्त, नगर निगम, BHU और अन्य सरकारी शैक्षणिक संस्थानों के आधिकारिक ई-मेल पर भी अनजान आईडी से धमकी भरे संदेश पहुंचे हैं. हालांकि, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार, वाराणसी में पहले से ही अलर्ट है और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है.
1984 के दंगों का भी किया गया जिक्र
धमकी भरे ई-मेल में 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उल्लेख किया गया है. संदेश में 'खून का बदला खून' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सिख नक्सली कार्रवाई की बात कही गई है. हालांकि, ई-मेल में किए गए दावों और उसकी विश्वसनीयता की अभी जांच की जा रही है.
साइबर सेल और यूपी ATS ने संभाली जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या की साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है. उत्तर प्रदेश एटीएस को भी जांच में लगाया गया है. एजेंसियां ई-मेल भेजने वाले की पहचान, इस्तेमाल की गई डिजिटल आईडी और संभावित नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं.
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बहरहाल, धमकी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन धार्मिक स्थलों और स्कूलों का नाम सामने आने के बाद सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. जांच एजेंसियों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि यह किसी वास्तविक साजिश का संकेत है या लोगों में डर फैलाने की कोशिश.